भोपाल

परिजनों ने पढ़ाई का दबाव बनाया तो मदरसा से भागे चार छात्र -पुलिस ने सीसीटीवी कैमरोंं मदद से सुरक्षित ढूंड निकाला

परिजनों ने पढ़ाई का दबाव बनाया तो मदरसा से भागे चार छात्र
-पुलिस ने सीसीटीवी कैमरोंं मदद से सुरक्षित ढूंढ निकाला
भोपाल, यशभारत।
ऐशबाग थाना क्षेत्र में स्थित मदरसा में पढ़ाई करने वाले चार नाबालिग छात्र कल दोपहर रहस्यम ढंग से लापता हो गए। ऑफिस स्टाप ने यहां-वहां ढूडने के बाद रात में पुलिस को सूचना दी। आनन-फानन में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर छात्रों की तलाश शुरू की। रातभर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने आज सुबह सभी बच्चों को एक मस्जिद में सोते हुए दस्तयाब किया। बच्चे पढ़ाई नहीं करना चाहते थे, लेकिन परिजन उन्हें पढ़ाई के लिए मदरसा भेज रहे थे, इसी बात से नाराज होकर छात्र मदरसा से भाग निकले थे। फिलहाल पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर छात्रों को उकने परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
थाना पुलिस के मुताबिक मिथला अलुम मदरसा बागफरहत आफजा में निशातपुरा के रहने वाले 3 नाबालिग और गोविंदपुरा का एक नाबालिग पढ़ाई करते हैं। रोजना की तरह परिजनों ने उन्हें मदरसा में पढ़ाई के लिए भेजा था। दोपहर करीब एक बजे चारों नाबालिग छात्र मदरसा से रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। मदरसा से अचानक लापता हुए छात्रों की जानकारी मिलने के बाद मदरसा प्रबंधन स्टाप ने उन्हें यहां-वहां तलाश किया और परिजनों को सूचना दी। जब सभी छात्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो मदरसा के काजी रफीक अहमद ने थाने पहुंच कर पुलिस को सूचना दी। चूंकि मामला नाबालिग बच्चों के लापता होने का था, इस कारण पुलिस ने तुरंत अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी। अलग-अलग पुलिस टीमों ने बच्चों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने रात भर मदरसा और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तब पुलिस को एक कैमरे से बच्चों के बारे में सुराग मिला। इस आधार पर पुलिस ने गोविंदपुरा इलाके में बच्चों की तलाश शुरू कर दी। आज तडक़े पुलिस गोविंदपुरा स्थित मस्जिद पहुंची। जहां पर सभी चारों बच्चे सोते हुए मिले, जिन्हें पुलिस ने दस्तयाब किया। पुलिस ने कागजी कार्रवाई करने के बाद सभी बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

पढ़ाई से बचकर भागे थे बच्चे:-
पुलिस को मामले की जांच के दौरान पता चला कि सभी बच्चे पढ़ाई करने के लिए मदरसा अथवा स्कूल जाना नहीं चाहते थे। लेकिन परिजन उनकी पढ़ाई के लिए चिंतित थे और उन्हें रोजाना पढ़ाई के लिए मदरसा भेज रहे थे। इस कारण सभी बच्चे मौका पाकर मदरसा से एक साथ भाग निकले।

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