दागी कुर्ता पजामा वालों पर संघ और संगठन की तिरछी नजर

जबलपुर यश भारत। प्रदेश में सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी और उसकी मातृ संस्था आरएसएस इन दिनों सामने आये कुछ मामलों को न केवल गंभीरता से ले रही है बल्कि जिनके कारण पार्टी की छवि धूमिल हो रही है ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की भी तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मांने तो हाल ही में संघ ने सामने आए कुछ मामलों की पूरी रिपोर्ट तलब की है। राजधानी में ड्रग्स का मामला हो या लव जिहाद से संबंधित इसके अलावा प्रदेश के दूसरे हिस्सों से भी ऐसे ही कुछ समाचार सामने आए जिन्हें पार्टी और संघ को चिंता में डाल दिया है। किसी पर दुष्कर्म का आरोप लगा तो कोई फडबाज निकला इतना ही नहीं किसी का नाम तो बाकायदा देह व्यापार या सेक्स रैकेट के मामले से जुड़ा मिला। यदि सिर्फ जबलपुर की ही बात की जाए तो कुछ समय पूर्व भाजपा के एक पूर्व मंडल अध्यक्ष की होटल में सेक्स रैकेट चलने का मामला सामने आया था और इस मामले में दूसरे प्रदेश की एक युवती ने होटल संचालक पर बंधक बनाकर देह व्यापार के आरोप लगाये थे। हाल ही में ऐसा ही एक और मामला विजयनगर क्षेत्र में सामने आया है जहां पर एक मसाज पार्लर में काम करने वाली युवती के द्वारा भी कुछ इसी तरह की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई है। ऐसे मामलों से कहीं ना कहीं पार्टी की छवि धूमिल होती है और यह होना स्वाभाविक भी है क्योंकि भाजपा की पहचान चाल चरित्र चेहरा के अलावा अनुशासन की भी रही है लेकिन ऐसे मामलों में तो चरित्र पर ही दाग लग रहे हैं। जब कभी ऐसे मामले सामने आते हैं तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का पहला काम यह होता है कि वह जिस पर आरोप लग रहे उसे पार्टी का बताते ही नहीं है और एक स्वर में कहने लगते हैं की पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है। लेकिन वर्तमान दौर सोशल मीडिया का है जैसे ही कोई विवादित मामला सामने आता है आरोपियों की फोटो सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओं के साथ ट्रेंड करने लगती है और यही सबसे बड़ी चिंता का विषय भी है। मसाज पार्लर मामले में जिस तरह आरोपी ने युवती को यह कहकर डराया धमकाया कि उसके संबंध सांसद विधायक तक से हैं कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसके बाद से ही विधायक और वर्तमान मेंनगर अध्यक्ष के साथ उक्त शख्स की कई तस्वीरें वायरल हो गई जिन्हें सोशल मीडिया पर देखा भी जा सकता है। ऐसे में संघ और पार्टी की चिंता जायज भी है। नए-नए प्रदेश अध्यक्ष बने हेमंत खंडेलवाल भी अपनी कार्य प्रणाली को लेकर इन दिनों चर्चाओं में है और जिस तरह के संकेत उनके द्वारा दिए जा रहे हैं उससे स्पष्ट है कि निकट भविष्य में होने वाली जिला नगर और प्रदेश कार्यकारिणियों में काफी ठोक बजा कर कार्यकर्ताओं को शामिल किया जा सकता है। वैसे भी अभी जिला नगर और प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर हलचलें तेज हैं ऐसे वक्त में इस तरह के मामलों ने पार्टी नेतृत्व को सोचने पर विवश कर दिया है।







