महार्षि विद्या मंदिर के अकाउंटेंट ने की 33 लाख की धोखाधड़ी -संस्थान के खाते से रकम निकाल कर अपने खाते में की जमा

महार्षि विद्या मंदिर के अकाउंटेंट ने की 33 लाख की धोखाधड़ी
-संस्थान के खाते से रकम निकाल कर अपने खाते में की जमा
भोपाल यशभारत।
ईटखेड़ी इलाके में स्थित महर्षि विद्या मंदिर में 33 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस वारदात को संस्थान के अकाउंटेंट ने कोरोना काल में में अंजाम दिया। आरोपी ने संस्थान के पदाधिकारियों को गुमराह करते हुए चेक पर साइन कराने के बाद खाते से निकाली कई रकम को अपने बैंक खाते में जमा कर लिया। ऑडिट के दौरान फर्जीबाड़ा उजागर हुआ तो अकाउंटेंट ने नौकरी छोड़ दी। इधर संस्था की ओर से मामले की शिकायत पुलिस को की गई थी। जिसकी जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया है।
थाना पुलिस के मुताबिक महर्षि विद्या मंदिर के संयुक्त निदेशक विधि इंद्रजीत दत्त ने ईंटखेड़ी थाने में धोखाधड़ी के संबंध में शिकातय की थी। इस शिकायत में उन्होंने बताया था कि वर्ष 2020 में लांबाखेड़ा स्थित महर्षि विद्या मंदिर स्कूल में सुनील पांडे नाम का व्यक्ति अकाउंटेंट का काम देखता था। संस्था का बैंक ऑफ बड़ोदा में खाता था। संस्थान का पूरा आर्थिक लेन-देन सुनील के द्वारा ही किया जाता था। बैंक खाते से पैसा निकालने के लिए सुनील के अलावा एक अन्य पदाधिकारी के हस्ताक्षर होना अनिवार्य होता था। चूंकि उस समय कोराना फैला हुआ था तथा अधिकांश लोग अपने घर से ही काम कर रहे थे तो सुनील ने अलग-अलग मद के काम बताकर कई ऐसे का चैक पर साइन करा लिए जो काम होने ही नहीं थे और हुए भी नहीं। सुनील ने उन कार्यों के नाम पर पैसा निकाला तथा अपने बैंक खाते में जमा कर लिया। करीब एक साल बाद जब बैंक खातों का एडिट हुआ तो पता चला कि संस्था के खर्च के साथ ही फर्जी कार्यों के लिए करीब 33 लाख रुपए निकालकर फर्जीवाड़ा किया गया है। संस्था की जांच में सुनील पांडे के दोषी पाते ही संस्था की ओर से उसे बर्खास्त कर दिया गया। इधर मामले की शिकायत ईंटखेड़ी में थाने में कर दी गई। मामले की जांच एसडीओपी ईंटखेड़ी मंजू चौहान द्वारा की गई थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी सुनील पांडे के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।







