होम साइंस प्रोफेसर आत्महत्या मामला – 52 साल की उम्र मे पीएससी देरी से क्वालिफाइड होने पर थोड़ा डिस्टर्ब थी प्रोफेसर प्रज्ञा, भाई से इस मुद्दे पर कई बार कर चुकी थी चर्चा

जबलपुर यशभारत। जबलपुर के गढ़ा थाना क्षेत्र में शासकीय होम साइंस महिला कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. प्रज्ञा अग्रवाल का खून से सना शव मिला. 58 वर्षीय प्रोफेसर का हाल ही में कटनी से तबादला हुआ था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ की थी और मामला आत्महत्या का सामने आया । पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही है और उनकी बैंक डिटेल को भी चेक कर रही है मामले में मृतका के भाई से भी बात की गई जिसमें की भाई ने बताया कहीं ना कहीं पीएससी देरी से क्वालिफाइड होने पर थोड़ा डिस्टर्ब रहती थी और हमेशा इसी बारे में बात किया करती थी।
2019 में पास की थी एपीपीएससी
58 वर्षीय प्रोफेसर प्रज्ञा इसके पूर्व गेस्ट फैकल्टी थी और जब उन्होंने पीएससी क्वालिफाइड की तब वह 52 साल की थी। इसके पूर्व गेस्ट फैकल्टी थी जिसका उन्हें पीएससी में लाभ मिला था और इस कोटे के बाद उन्होंने एग्जाम को पास किया था ।भाई के अनुसार इसी बात को लेकर कहीं ना कहीं उनके मन में थोड़ा सा अवसाद हमेशा रहा करता था कि काश वह जल्दी इस एग्जाम को क्लियर कर लेती है
लेफ्ट हैंड में चाकू पकड़ा, राइट हैंड पर कट मारा
पुलिस का कहना है कि प्रो. प्रज्ञा अग्रवाल ने आत्महत्या की है। पीएम रिपोर्ट में सामने आया है कि उन्होंने लेफ्ट हैंड में चाकू पकड़ा और अपने राइट हैंड पर कट मारा, फिर उसी हाथ से गले को कट किया। हाथ और गले में आधे इंच से अधिक का कट लगा है। हाथ की नस कटते ही तेजी से खून बहने लगा। कुछ ही देर में आधा से एक लीटर खून बह गया, जिससे 10 से 15 मिनट में प्रोफेसर की मौत हो गई।







