मांगे पूरी नहीं होने पर नाजरा बिजली कंपनी के कर्मचारी हुए एकजुट – नियमतीकरण , ट्रांसफर नीति लागू नहीं होने का जताया विरोध

मांगे पूरी नहीं होने पर नाजरा बिजली कंपनी के कर्मचारी हुए एकजुट
– नियमतीकरण , ट्रांसफर नीति लागू नहीं होने का जताया विरोध
भोपाल यशभारत। बिजली कंपनी के कर्मचारी लंबित मांगों के पूरा नहीं होने के विरोध में आक्रोशित हैँ। बिजली कंपनी के कर्मचारी एक जुट हो गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली कंपनियों में गृह जिला ट्रांसफर (कंपनी टू कंपनी) नीति बनाई जाए। साथ ही संविदा नीति 2023 में महंगाई भत्ता जोड़ा जाए। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने मांगों को लेकर बातचीत करने के लिए बुलाने का वादा किया था, लेकिन अब तक सरकार की ओर से पहल नहीं की गई है। नौ सूत्रीय मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लॉईज एंड इंजीनियर्स के बैनर तले यह आंदोलन किया जा रहा है। बिजली कर्मचारियों ने रविवार एकत्रित को नीलम पार्क में प्रदर्शन किया।
फोरम के प्रवक्ता लोकेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 4 जुलाई तक सरकार से चर्चा होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हुई। अब हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
कंपनी के कर्मचारियों ने जताई भविष्य की चिंता
बिजली कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि भविष्य की चिंता सता रही है। करीब पांच हजार संविदा कर्मचारी कंपनी में कार्यरत है। पूरी इमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है। सभी कर्मचारी लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और मेरिट प्रक्रिया से चयनित हुए हैं, लेकिन नियमितीकरण न होने के चलते वे भविष्य को लेकर चिंतित हैं। प्रवक्ता के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन विभाग के 100 से ज्यादा संविदा कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके हैं। श्रीवास्तव का कहना है कि यदि जल्द ही सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो बिजली सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
इन मांगों को लेकर किया जा रहा आंदोलन
– संविदा कर्मचारियों को सीधे नियमित किया जाए।
– बिजली कंपनियों में गृह जिला ट्रांसफर (कंपनी टू कंपनी) नीति बनाई जाए।
– संविदा नीति 2023 में महंगाई भत्ता और इंक्रीमेंट जोड़ा जाए।
– राजस्व सहायक अधिकारी एवं कार्यालय सहायक उच्च शिक्षा प्राप्त समकक्ष पद पर तकनीकी पद दिया जाए। प्रथम हायर स्केल दिया जाए।
– मध्य क्षेत्र में संविदा परीक्षण सहायक की वेतन विसंगति दूर की जाए।
– संविदा नीति 2023 में पूर्व से निर्धारित भर्ती में 50त्न आरक्षण दिया जाए।
– राष्ट्रीय अवकाश एवं उत्सव अवकाश में संविदाकर्मियों को काम करने पर दोगुना मानदेय दिया जाए।
– नियमित कर्मियों के समान नियम अनुसार 9, 18, 35 वर्ष पूर्ण करने पर उच्च वेतनमान एवं प्रमोशन दिया जाए।
– शासकीय सेवा में संविदा से सीधी भर्ती होने पर 3 वर्ष की परीक्षा अवधि 70, 80 और 90 नियमावली को समाप्त किया जाए।







