तालाब मुक्तिधाम से 25 साल पुराना अवैध कब्जा हटा : अंतिम संस्कार में आने वालों से होती थी वसूली, अब शोकग्रस्त परिवारों को मिलेगी राहत

सतना। शहर के प्रसिद्ध नारायण तालाब स्थित मुक्तिधाम को रविवार को प्रशासन ने करीब 25 वर्षों पुराने अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। यह कार्रवाई एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया के नेतृत्व में की गई, जिसमें नगर निगम की अतिक्रमण शाखा और पुलिस बल भी मौजूद रहा।
परिवार कर रहा था कब्जा
जानकारी के अनुसार, इस मुक्तिधाम का निर्माण करीब 25 वर्ष पूर्व जन सहयोग और सिंधु विकास समिति के प्रयासों से कराया गया था। यहां पर पहले चुनका के पिता निवास करते थे और उनकी मृत्यु के बाद चुनका अपने परिवार सहित इस स्थान पर रहने लगा।
आरोप है कि चुनका अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों से अवैध रूप से पैसे वसूलता था। इसके साथ ही उसके खिलाफ नशे के अवैध कारोबार से जुड़े होने की शिकायतें भी सामने आईं।
सर्व समाज की शिकायत पर हुई कार्रवाई
चुनका की गतिविधियों को लेकर सर्व समाज और सिंधु विकास समिति ने आवाज उठाई। रविवार सुबह समाज के प्रतिनिधि कोलगवां थाने पहुंचे और वहां एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और तत्काल अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया।
शुरुआत में विरोध, फिर खाली की जगह
कार्रवाई के दौरान चुनका ने कब्जा छोड़ने से इनकार कर दिया। उसका कहना था, “मैं यहीं पैदा हुआ हूं, मेरी शादी भी यहीं हुई है। यह मेरा घर है।”
हालांकि, प्रशासन की लगातार समझाइश और सर्व समाज के प्रतिनिधियों की संवेदनशील बातचीत के बाद अंततः चुनका जगह खाली करने को राजी हो गया। यह कार्रवाई लगभग 5 घंटे तक चली और अंततः मुक्तिधाम को अतिक्रमण मुक्त घोषित किया गया।
मानवीयता के तहत दी गई आर्थिक सहायता
हालांकि कार्रवाई प्रशासनिक थी, परंतु मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सर्व समाज ने चुनका को 11 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की, जिससे वह जीवन की नई शुरुआत कर सके।
शोकग्रस्त परिवारों को अब मिलेगी राहत
प्रशासन की इस कार्रवाई से अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों को अब अवैध वसूली और असुविधा से राहत मिलेगी। मुक्तिधाम अब समाज के उद्देश्य के अनुरूप उपयोग में आ सकेगा।







