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लावारिसों के आसरे ‘मोक्ष’ में चोरों का हाथ, इलाज और राशन के 40,000 रुपये ले उड़े

जबलपुर,  मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित ‘मोक्ष आश्रय’ में बुधवार देर रात अज्ञात चोरों ने सेंधमारी कर लावारिस और निशक्तजनों के इलाज, राशन और दैनिक खर्चों के लिए रखे लगभग 40,000 रुपये चुरा लिए। यह घटना मेडिकल कैंपस जैसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


क्या है ‘मोक्ष’ आश्रय?

‘मोक्ष मानव सेवा एवं जन उत्थान समिति’ द्वारा संचालित ‘मोक्ष आश्रय’ बीते 15 वर्षों से सड़कों, अस्पतालों और परिवारों द्वारा त्यागे गए बुजुर्गों व निशक्तजनों को आसरा और सेवा प्रदान कर रहा है। यहां आधा सैकड़ा से अधिक बुजुर्ग और निशक्त लोग रहते हैं, जिनकी देखरेख और जरूरतों का ध्यान संस्थापक आशीष ठाकुर व उनके सहयोगी रखते हैं। इस आश्रय में भोजन, राशन, दवाएं और अंतिम संस्कार जैसी आपातकालीन जरूरतों के लिए नकदी एक संदूक पलंग पेटी में रखी जाती थी, जिसकी चाबी और सुरक्षा की जिम्मेदारी यहीं रहने वाले बुजुर्गों को दी गई थी।


देर रात की घटना और सुरक्षा पर सवाल

रात लगभग 12 बजे, आश्रय में रहने वाले बुजुर्ग सामने वाले चैनल में ताला लगाकर सो गए। चोरों ने किचन में रखी पलंग पेटी का ताला तोड़कर पीछे की दीवार कूदकर दो बक्सों में रखे पैसे चुरा लिए।सुबह जब आश्रय के लोगों ने संदूक खुला देखा तो तत्काल गढ़ा थाने को सूचना दी गई, लेकिन देर शाम तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। आश्रय में रहने वालों ने पाया कि चोर पीछे की दीवार फांदकर आए थे, और वहां चप्पलों व जूतों के निशान भी मिले हैं।यह बड़ी बात है कि ‘मोक्ष आश्रय’ और पास का रेन बसेरा दोनों ही मेडिकल कैंपस के अंदर स्थित हैं। मुख्य गेट पर गार्ड तैनात रहते हैं और आश्रय के बगल में एक पुलिस चौकी भी है, जो कथित तौर पर रात 12 बजे खुलती है और सुबह 5 बजे बंद हो जाती है। इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक को दर्शाता है।


मेडिकल कैंपस की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न

मोक्ष आश्रय के पीछे जिस बाउंड्री से कूदकर चोरी हुई, वह मेडिकल बाउंड्री से सटी हुई है और अंदर एक नाला है। चौंकाने वाली बात यह है कि चार दिन पहले इसी नाले में एक महिला का शव पड़ा रहा और किसी को इसकी खबर तक नहीं लगी। ये घटनाएं कैंपस के अंदर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों पर सवाल खड़े करती हैं।हालांकि, मेडिकल कैजुअल्टी में अब 24 घंटे पुलिस बूथ चालू रहता है, फिर भी ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं।


पुलिस की निष्क्रियता और आगे की कार्रवाई

‘मोक्ष’ समिति ने गढ़ा थाने में घटना की सूचना और शिकायत दर्ज कराकर जांच की प्रार्थना की है, लेकिन देर शाम तक न तो पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और न ही उनकी तरफ से कोई जवाब आया। समिति के वरिष्ठ सदस्य इस घटना के संबंध में जल्द ही जिला पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे।

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