सेम ग्लोबल यूनिवर्सिटी बस हादसे को दबाने की कोशिश — NSUI ने प्रशासन और यूनिवर्सिटी की मिलीभगत पर उठाए सवाल
सेम ग्लोबल यूनिवर्सिटी बस हादसा: महाराष्ट्र पासिंग ट्रक-बस टक्कर या साजिश? NSUI ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

FIR में छुपाए गए तथ्य, NSUI का आरोप — हादसे को दबाने की साजिश, प्रशासन पर उठे सवाल
भोपाल – गतदिवस भोपाल में एक बस ने कई लोगों को घायल किया था जिसमें एक डाक्टर की जान तक चली उसमें मामले को भी दबाने में पुलिस विभाग और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई थी उसके बाद ऐसा ही कल सुबह रायसेन रोड पर सेम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की बस के दोनों पिछले टायर अचानक निकल जाने से बस में सवार कई छात्र घायल हो गए। यह घटना राजधानी में बिना फिटनेस की बसों के संचालन की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है।
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि इस गंभीर घटना को विश्वविद्यालय संचालक और प्रशासन की मिलीभगत से मामले को दबाने का प्रयास किया गया। सुबह 9 बजे की घटना की शाम 6:19 बजे FIR दर्ज की गई, उसमें भी घटना को घुमा-फिरा कर दिखाने की कोशिश की गई।
FIR में यह तर्क दिया गया है कि:
> “सड़क किनारे चल रहे ट्रक क्रमांक MH40 CT 0043 को ओवरटेक कर बस आगे निकली, तभी ट्रक चालक ने लापरवाहीपूर्वक तेज गति से ट्रक को यू-टर्न लेते हुए मोड़ा, जिससे ट्रक का अगला बम्पर हुक मेरी बस के बाएं तरफ के पिछले पहिए में फंस गया और बस के पिछले पहिए निकल गए, जिससे बस झटके से रुक गई जिससे बस में बैठे रिषीकेष पाटिल, अतुल स्वेता भागवत एकता गुप्ता, वैभव नन्द को मामूली चोट आई है जिनको सेम कॉलेज के वाहन से अस्पताल पहुंचाया ।”
रवि परमार ने इस तर्क को मामले की सच्चाई से भटकाने का प्रयास बताया है। रवि परमार ने कहा कि यदि बस तकनीकी रूप से सही होती तो केवल हुक फँसने से दोनों पहिए अचानक कैसे निकल जाते ? यह सीधे-सीधे बस की तकनीकी खामियों और फिटनेस की कमी को दर्शाता है।
परमार ने बताया कि सेम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की बस (MH34AB8055) और टक्कर मारने वाला ट्रक (MH40CT0043) — दोनों ही महाराष्ट्र पासिंग वाहन हैं, जो इस पूरे मामले को और भी संदिग्ध बनाता है। यह केवल एक संयोग है या फिर पूर्व नियोजित साजिश के तहत मामले को दबाने की कहानी गढ़ी गई है मामले को दबाने के लिए पर्दे के पीछे सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। NSUI मांग करती है कि इस संपूर्ण प्रकरण की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को संरक्षण देने वालों की भी जवाबदेही तय हो।
NSUI की प्रमुख मांगे
1. देरी से दर्ज की गई FIR की स्वतंत्र जांच हो।
2. सेम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संचालक, बस मालिक और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों पर लापरवाही और साजिश का मामला दर्ज किया जाए।
3. सभी निजी शिक्षण संस्थानों की बसों की फिटनेस, परमिट और मेंटेनेंस रिपोर्ट की जांच की जाए।
4. राजधानी में बिना फिटनेस वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।






