फिर बढ़ेंगी बिजली की दरें उपभोक्ताओं को लगेगा करंट, जिले के ढाई लाख उपभोक्ताओं की कटेगी जेब

कटनी, यशभारत। जिले में घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली एक बार फिर करंट मारने जा रही है। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली की दरों में किए जाने से जिले के ढाई लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की जेब ढीली होगी। महंगाई के इस दौर में जब हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं, तब बिजली की दरों में वृद्धि किए जाने का सीधा असर मध्यम और निम्न वर्गीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बिजली कंपनियों ने 151 से 300 यूनिट के बीच का स्लैब खत्म कर 151 यूनिट के बाद फ्लैट रेट वसूलने का प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को दिया है। कंपनियों ने इस स्लैब को खत्म करने की सिफारिश की है। अगर यह स्लैब खत्म होता है तो इसका सबसे अधिक नुकसान मध्यम वर्ग के उन उपभोक्ताओं को होगा, जो सब्सिडी के दायरे से बाहर आते हैं। अगर यह प्रस्ताव पास हुआ तो कटनी जिले में करीब ढाई लाख उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर 50 पैसे प्रति यूनिट का बोझ बढ़ सकता है। विदित हो कि मध्यप्रदेश में एक बार फिर बिजली बिल की कीमतें बढऩे जा रही हैं। बिजली कंपनियों ने इसके लिए मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेज दिया है। बिजली कंपनियों ने मध्य प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी के लिए टैरिफ याचिका दायर की है, इसके लिए मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेज दिया गया है। अगर प्रस्ताव पास होता है तो बिजली की नई दरें अप्रैल महीने से लागू हो सकती हैं। बिजली की नई कीमतें अगर लागू होती है तो मध्यमवर्गीय परिवार को मंहगाई का झटका लगेगा।
बिजली दरों में बदलाव का यह है प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक बिजली कंपनियों ने प्रदेश में 151 से 300 यूनिट तक की बिजली खपत के स्लैब को खत्म करने की सिफारिश की है। अगर यह स्लैब खत्म होता है तो 151 से 300 यूनिट बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी वही कीमत चुकानी होगी, जो 500 यूनिट या उससे ज्यादा बिजली खपत करने वालों को चुकानी पड़ती है, हालांकि इस पर सुनवाई से पहले मप्र विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं से से 24 जनवरी तक आपत्ति देने के लिए कहा है।
इनका कहना है
बिजली की दरें नियामक आयोग की सिफारिशों से तय होती है। इन सिफारिशों के बाद उपभोक्ताओं से आपत्तियां भी बुलाई गई हैं। इसके बाद ही नियामक आयोग निर्णय लेगा। कटनी जिले में कुल 3 लाख 10 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इसमे से 56 हजार कृषि और बाकी घरेलू और औद्योगिक कनेक्शन है।
-श्रीराम पांडे, अधीक्षण यंत्री, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड







