जीआरपी एसआई ने स्टैंड चालक को पीटा* *सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो की होगी जांच*

जबलपुर यशभारत।
मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के वाहन स्टैंड में जीआरपी में एक एसआई का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें दिख रहा है कि जीआरपी में पदस्थ एसआई द्वारा किस तरह से वर्दी की धौंस दिखाते हुए वाहन स्टैंड के कर्मी के साथ मारपीट कर रही है। बात केवल इतनी ही थी कि रेलवे स्टेशन के स्टैंड पर काम करने वाले एक लड़के ने एक अन्य महिला पुलिस अधिकारी से स्टैंड के पैसे मांग लिए थे। पैसे मांगना इस महिला अधिकारीयो को इतना ना गवार गुजरा की पहले तो दोनों ने स्टैंड पर जाकर युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी और फिर थाने लाकर भी जमकर खातिरदारी की।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ये महिला अधिकारी अपने पद और वर्दी का वेजा इस्तेमाल करते हुए आ युवक के ऊपर ताबड़तोड़ चाटे बरसा रही है। उक्त मामला 21 अक्टूबर का है जिस दिन युवक के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया था। मुख्य रेलवे स्टेशन पर एक महिला si की गाड़ी दो दिन से खड़ी हुई थी और जब वह गाड़ी ले जाने लगी तो स्टैंड संचालन करने वाले लोगों ने उनसे पैसे की मांग की जिस पर उन्होंने दबंगता दिखाते हुए पैसे देने से इनकार कर दिया जिस पर स्टैंड के कर्मचारियों ने कहा कि मैडम यह डिजिटल पर्ची है जो की स्कैन हो चुकी है ऐसे में भी पैसा नहीं देंगी तो उनकी सैलरी से पैसा कट जाएगा उसके बाद उक्त महिला पुलिस अधिकारी जबरन गाड़ी ले जाने की कोशिश की। इसके बाद स्टैंड संचालन करने वाले लड़कों ने रोकने का प्रयास किया तो सिविल ड्रेस में आई si आरती मंडलोई ने पदस्थ si आकांक्षा सिंह को फोन करके बुला लिया आकांक्षा सिंह के आते ही सिविल ड्रेस में पहले से मौजूद आरती मंडलोई युवक के ऊपर ताबड़तोड़ चाटों की बरसात कर दी। और फिर आकांक्षा भी युवक के ऊपर टूट पड़ी, ऐसे में सवाल उठता है कि वर्दी की धौस दिखाकर इस तरह से मारपीट करना कितना उचित है जब कानून के रखवाले ही कानून को हाथ में लेंगे तो फिर उम्मीद किस से की जा सकती है। हालांकि इस पूरे मामले में जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि उक्त युवक के द्वारा महिला के साथ अभद्रता की गई थी तो यहां सवाल उठता है की अभद्रता करने पर किसी अधिकारी को यह अधिकार कौन सा कानून देता है कि वह किसी बात को बिना जाने बिना समझे सीधे अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने लगे ।यदि मान भी ले की स्टैंड संचालकों द्वारा अभद्रता की गई तो फिर ऐसा कौन सा कानून है जो इन गैर जिम्मेदार अधिकारियों को मारपीट करने की इजाजत देता है। अब देखना यह होगा कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संबंधित पर क्या कार्रवाई की जाती है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रेल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त वीडियो देखने के बाद ही पूरा घटनाक्रम सामने आने के बाद कार्रवाई होगी।







