30 साल से अटका भोपाल का मास्टर प्लान, पीसी शर्मा ने सरकार पर साधा निशाना 11 सितंबर से 31 घंटे का उपवास, बोले- भोपाल के सुनियोजित विकास के लिए तत्काल प्रकाशमान हो मास्टर प्लान

30 साल से अटका भोपाल का मास्टर प्लान, पीसी शर्मा ने सरकार पर साधा निशाना
11 सितंबर से 31 घंटे का उपवास, बोले- भोपाल के सुनियोजित विकास के लिए तत्काल प्रकाशमान हो मास्टर प्लान
भोपाल, यश भारत। भोपाल के नए मास्टर प्लान को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल मास्टर प्लान प्रकाशित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 के बाद करीब 30 साल बीत चुके हैं लेकिन भोपाल शहर का नया मास्टर प्लान आज तक प्रकाशित नहीं हो सका है। इसके विरोध में वे 11 सितंबर को सुबह 10 बजे रोशनपुरा चौराहे से 31 घंटे के उपवास की शुरुआत करेंगे जो 12 सितंबर तक चलेगा। पीसी शर्मा ने कहा कि मास्टर प्लान के अभाव में भोपाल के आवासीय क्षेत्रों के रहवासियों के साथ ही व्यवसायियों को भी कानूनी प्रशासनिक और व्यावसायिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के सुनियोजित विकास के लिए लंबे समय से नए मास्टर प्लान की आवश्यकता महसूस की जा रही है लेकिन शासन की ओर से अब तक इसे प्रकाशित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की 15 माह की सरकार के दौरान भोपाल मास्टर प्लान 2031 तैयार हो चुका था। इसके संबंध में समाज के विभिन्न वर्गों व्यापारियों नागरिकों और अन्य हितधारकों के साथ मिंटो हॉल सहित विभिन्न मंचों पर चर्चा की गई थी। इस दौरान लोगों से सुझाव भी लिए गए थे। शर्मा का कहना है कि यदि उस समय कांग्रेस सरकार को दो माह और काम करने का अवसर मिलता तो भोपाल का नया मास्टर प्लान प्रकाशित हो चुका होता। पूर्व मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान के अभाव में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में अनिश्चितता बनी हुई है। समय पर मास्टर प्लान प्रकाशित हो जाता तो नागरिकों और व्यापारियों की समस्याओं का उचित निराकरण संभव होता और आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय में भी सरकार अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रख सकती थी। शर्मा ने सरकार से मांग की कि भोपाल के नागरिकों व्यापारियों और शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नया मास्टर प्लान तत्काल प्रकाशित किया जाए। उन्होंने कहा कि उनका 31 घंटे का उपवास किसी व्यक्तिगत मुद्दे के लिए नहीं बल्कि भोपाल के सुनियोजित विकास नागरिकों के अधिकारों और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए है। उन्होंने भोपालवासियों से उपवास में सहयोग और समर्थन की अपील करते हुए कहा कि शहर के बेहतर भविष्य के लिए सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने नारा दिया— भोपाल का मास्टर प्लान प्रकाशित करो।







