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जबलपुर में 2 माह की मासूम को कैंसर : मेडिकल स्टेट कैंसर इंस्ट्टीयूट में भर्ती, रांझी खमारिया का रहने वाला परिवार

जबलपुर, यशभारत। कैंसर बीमारी जिंदगी बर्बाद कर देती है, बड़े-बुजुर्ग को यह बीमारी होती है तो कुछ समझा जा सकता है परंतु यह जानलेवा बीमारी किसी बच्चे को हो जाए तो उसका पूरा परिवार तनाव में आ जाता है। ऐसा ही एक मामला रांझी खमारिया में रहने वाले परिवार का सामने आया है। दरअसल इस परिवार में 2 माह की बच्ची को कैंसर की शिकायत सामने आई है। हालांकि बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ्य होगी इसके लिए मेडिकल स्टेट कैंसर इंस्ट्टीयूट डाॅक्टरों की पूरी टीम जुटी हुई है।

 

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पूरा परिवार टेंशन में हिम्मत नहीं हारी
दो माह की मासूम को पेट में ट्यूमर कैंसर है इसके लिए उसे स्टेट कैंसर इंस्ट्ीयूट के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया है। डीन डाॅक्टर गीता गुईन और वरिष्ठ चिकित्सकों की देख-रेख में बच्ची का इलाज जारी है। सिर्फ दो माह के होने पर बच्ची को कैंसर जैसी बीमारी होने पर परिवार टेंशन पर है लेकिन परिवार के सदस्यों ने हार नहीं मानी है।
सभी उम्र केस पहंुच रहे मेडिकल में
मेडिकल कॉलेज के कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार अस्पताल में जांच में सभी प्रकार के कैंसर के मरीज मिल रहे हैं। पीड़ितों में 2 माह के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल है। बच्चों में ब्लड और हड्डी के कैंसर के केस है। सबसे ज्यादा कैंसर पीड़ित 40 से 60 वर्ष की आयु वर्ग के है। इसमें ओरल, लंग, ब्रेस्ट, सर्वाइकल, किडनी के कैंसर केस है। लेकिन महिलाओं में गर्भाशय और स्तन कैंसर के केस सबसे ज्यादा है। गर्भाशय के कैंसर की प्रमुख वजह तंबाकू युक्त गुटखे का सेवन करना और हाइजीन को लेकर जागरूकता की कमी है। पेस्टीसाइड की ज्यादा वाले अनाज और खेती में पेस्टीसाइड का उपयोग करने वाले भी कैंसर पीड़ितों में शामिल है।
लगतार मरीज सामने आ रहे हैं
इधर मध्य भारत में लोगों को कैंसर तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसके बढ़तें खतरें की ओर इशारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज में जांच के लिए आने वाले मरीजों की संख्या कर रही है। मेडिकल कालेज में पिछले कुछ सालों हजारों कैंसर पीड़ित पंजीकृत हुए थे। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कुछ वर्षों में कैंसर के नए मरीज बढ़कर डेढ़ गुना हो गए है। मेडिकल कालेज में महाकोशल अंचल के अलावा बुंदेलखंड, विंध्य और नर्मदापुरम अंचल को मिलाकर लगभग कई जिलों से कैंसर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। पीड़ितों की संख्या में लगातार वृद्धि चिंता का सबब बनी हुई है। विशेषज्ञ धूम्रपान, तंबाकू एवं शराब के सेवन, जीवनशैली में बदलाव और पौष्टिक आहार की कमी को कैंसर का प्रमुख कारण मान रहे हैं।

सबसे ज्यादा मुंह का कैंसर, गुटका कारण
मेडिकल कालेज में जांच में सबसे ज्यादा मरीज मुंह के कैंसर से पीड़ित निकल रहे है। विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकूयुक्त मसाले वाले गुटखे का चलन काफी बढ़ गया है। युवा गुटखा पाउच खा रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं भी तंबाकू वाला गुटखा खाती है। इसका सेवन मुंह के कैंसर का कारण बन रहा है। पुरुषों के साथ ही महिलाओं में भी मुंह के कैंसर के मरीज लगातार बढ़ रहे है। मुंह में छाले, दर्द या परेशनी का लंबे समय तक बना रहना कैंसर का सबसे आम लक्षण है। शारीरिक कमजोरी या तेजी से वजन घटना भी कैंसर के लक्षण है। चबाने, निगलने, बोलने में समस्या होने पर तुरंत जांच करना चाहिए।

लास्ट स्टेज में आ रहे पीड़ित
मेडिकल कालेज के कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर के लक्षणों को लेकर लोगों में जागरुकता की कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी संबंधी कई भ्रांतियां है। इसके फेर में जाने-अनजाने लोग कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों को नजरअंदाज कर देते है। अस्पताल पहुंचने में देर करते है। मेडिकल कालेज में जबलपुर के साथ-साथ शहडोल, रीवा, सागर एवं नर्मदापुरम संभाग से कैंसर पीड़ित उपचार के लिए आते है। इसमें ज्यादातर मरीज लास्ट स्टेज में अस्पताल पहुंचते है। तब तक कैंसर के शरीर में फैल जाने से उपचार में परेशानी होती है।

इनका कहना है
दो माह की मासूम कैंसर पीड़ित है जिसका इलाज जारी है पूरी टीम वर्क से काम किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य उम्र के लोगों में कैंसर के मरीज आ रहे हैं जिनका भी समुचित इलाज किया जा रहा है।
श्याम जी राव, विभाग प्रमुख कैंसर विभाग

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