कटनीमध्य प्रदेश

15 अगस्त से बंद हो जाएगी डायल 100, अब इमरजेंसी में डायल करना होगा 112 नंबर नई गाडिय़ों में जीपीएस, वायरलेस, डिजिटल नेविगेशन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं

कटनी, यशभारत। 15 अगस्त से डायल 112 सेवा पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। डायल 112 में नई बोलेरो  गाडिय़ां शामिल होंगी, जो तकनीकी रूप से अधिक सक्षम होंगी और जीपीएस व वायरलेस सिस्टम से लैस रहेंगी। विभागीय खबर के अनुसार पूरे मध्यप्रदेश में 15 अगस्त  डायल 100 सेवा बंद कर दी जाएगी। इसकी जगह डायल 112 सेवा की शुरुआत की जाएगी, जिसमें अधिक अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर रिस्पॉन्स की सुविधा होगी।  राज्यभर में तैनात की जाएंगी और अब कॉल करने पर शिकायतकर्ता की लोकेशन भी जीपीएस से ट्रैक की जा सकेगी। डायल 100 के 10 साल के सफर को अब जीवीके कंपनी द्वारा संचालित डायल 112 सेवा आगे बढ़ाएगी।  एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार और उच्य अधिकारियों के निर्णय के तहत अब 14 अगस्त से जिले में डायल 100 की गाडिय़ां टाटा सफारी सेवा से बाहर कर दी जाएंगी और डायल 100 सेवा की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी, जिसकी अवधि पांच साल तय की गई थी। लेकिन तकनीकी अड़चनों, टेंडर प्रक्रिया की देरीए कोविड काल और प्रशासनिक वजहों से यह सेवा 10 वर्षों तक चलती रही। अब यह जिम्मेदारी बीवीजी कंपनी से हटाकर जीवीके कंपनी को सौंपी गई है, जो राज्य में एम्बुलेंस सेवा संचालन का अनुभव पहले से रखती है। डायल 112 सेवा के तहत प्रदेश में 1200 नई गाडिय़ां फस्र्ट रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में उपलब्ध कराई जाएंगी। इन गाडिय़ों में जीपीएस वायरलेस, डिजिटल नेविगेशन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं होंगी। किसी भी इमरजेंसी कॉल पर यह गाडिय़ां तेजी से मौके पर पहुंचकर पुलिस या एम्बुलेंस जैसी त्वरित मदद उपलब्ध कराएंगी।

लोकेशन आधारित मदद की गुणवत्ता बेहतर होगी

पिछले एक वर्ष में डायल 100 के माध्यम से 15 हजार से अधिक घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गयाए जिससे यह सेवा कई लोगों के लिए जीवनरक्षक बनी। डायल 112 को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नया कॉल सेंटर भी बनाया जा रहा है, जो सेंट्रल सर्वर से जुड़ा होगा। इससे सभी जिलों में समान रूप से इमरजेंसी सेवाओं का संचालन हो सकेगा। डायल 112 मॉडल पहले से ही हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में संचालित हो रहा हैए और मध्यप्रदेश इसका अगला चरण है। राज्य पुलिस का दावा है कि नई सेवा में रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और लोकेशन आधारित मदद की गुणवत्ता बेहतर होगी।

इनका कहना है

इस सेवा के तहत 100 डायल बन्द कर 112 डायल से आधुनिक सेवाएं प्रदान की जाएगी। जिसके लिए तैयारियां की जा रही है।

-अभिनय विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक कटनीकटनी, यशभारत। 15 अगस्त से डायल 112 सेवा पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। डायल 112 में नई बोलेरो गाडिय़ां शामिल होंगी, जो तकनीकी रूप से अधिक सक्षम होंगी और जीपीएस व वायरलेस सिस्टम से लैस रहेंगी। विभागीय खबर के अनुसार पूरे मध्यप्रदेश में 15 अगस्त डायल 100 सेवा बंद कर दी जाएगी। इसकी जगह डायल 112 सेवा की शुरुआत की जाएगी, जिसमें अधिक अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर रिस्पॉन्स की सुविधा होगी। राज्यभर में तैनात की जाएंगी और अब कॉल करने पर शिकायतकर्ता की लोकेशन भी जीपीएस से ट्रैक की जा सकेगी। डायल 100 के 10 साल के सफर को अब जीवीके कंपनी द्वारा संचालित डायल 112 सेवा आगे बढ़ाएगी। एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार और उच्य अधिकारियों के निर्णय के तहत अब 14 अगस्त से जिले में डायल 100 की गाडिय़ां टाटा सफारी सेवा से बाहर कर दी जाएंगी और डायल 100 सेवा की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी, जिसकी अवधि पांच साल तय की गई थी। लेकिन तकनीकी अड़चनों, टेंडर प्रक्रिया की देरीए कोविड काल और प्रशासनिक वजहों से यह सेवा 10 वर्षों तक चलती रही। अब यह जिम्मेदारी बीवीजी कंपनी से हटाकर जीवीके कंपनी को सौंपी गई है, जो राज्य में एम्बुलेंस सेवा संचालन का अनुभव पहले से रखती है। डायल 112 सेवा के तहत प्रदेश में 1200 नई गाडिय़ां फस्र्ट रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में उपलब्ध कराई जाएंगी। इन गाडिय़ों में जीपीएस वायरलेस, डिजिटल नेविगेशन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं होंगी। किसी भी इमरजेंसी कॉल पर यह गाडिय़ां तेजी से मौके पर पहुंचकर पुलिस या एम्बुलेंस जैसी त्वरित मदद उपलब्ध कराएंगी।
लोकेशन आधारित मदद की गुणवत्ता बेहतर होगी
पिछले एक वर्ष में डायल 100 के माध्यम से 15 हजार से अधिक घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गयाए जिससे यह सेवा कई लोगों के लिए जीवनरक्षक बनी। डायल 112 को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नया कॉल सेंटर भी बनाया जा रहा है, जो सेंट्रल सर्वर से जुड़ा होगा। इससे सभी जिलों में समान रूप से इमरजेंसी सेवाओं का संचालन हो सकेगा। डायल 112 मॉडल पहले से ही हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में संचालित हो रहा हैए और मध्यप्रदेश इसका अगला चरण है। राज्य पुलिस का दावा है कि नई सेवा में रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और लोकेशन आधारित मदद की गुणवत्ता बेहतर होगी।
इनका कहना है
इस सेवा के तहत 100 डायल बन्द कर 112 डायल से आधुनिक सेवाएं प्रदान की जाएगी। जिसके लिए तैयारियां की जा रही है।
-अभिनय विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक कटनी

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