हर छठा मरीज शरीर पर दाने और वायरल से पीडि़त, गर्मी और वायरस का हमला, स्किन अलर्ट : तेज गर्मी में वायरल के साथ त्वचा पर खुजली और दाने, दर्द के साथ दाग भी कर रहे परेशान

कटनी, यशभारत। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी अब खतरनाक रूप लेने लगी है। जिला अस्पताल और निजी चिकित्सालयों की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तीखी गर्मी से एक तरफ जहां लूए डायरिया और वायरल लोगों को परेशान कर रहा है, वहीं त्वचा रोग खासकर खुजली और दर्द भरे दाने की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हालात यह हैं कि ओपीडी में आने वाला हर छठा मरीज शरीर पर लाल चकत्ते, खुजली भरे दाने और स्किन इंफेक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस मिलकर वायरस को सक्रिय कर रहे हैं, जिससे स्किन रिएक्शन और एलर्जी के मामले बढ़ रहे हैं। कई मरीजों को तेज बुखार, बदन दर्द और जलन के साथ संक्रमण भी हो रहा है। 45 फीसदी मरीज एलर्जी के 33 फीसदी दाद और खुजली के गर्मी और अधिक पसीने के कारण दाद फंगल इंफेक्शन की समस्या होती है। समय पर इलाज और साफ सफाईसे इनसे बचा जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
0 गर्मियों में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी।
0 दिनभर में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें, ताकि नमी बनी रहे।
0 हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें जिससे पसीना कम जमा हो।
0 बाहर निकलते समय धूप से बचाव करें और त्वचा को साफ रखें।
0 पसीना आने पर त्वचा को सूखा रखना और धोना फायदेमंद।
0 बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी क्रीम या दवा का उपयोग करने से बचें।
0 संतुलित आहार और पर्याप्त नीद इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार।
गर्मी में त्वचा संबंधी मुख्य समस्याएं
घमौरियां : पसीने की ग्रंथियां बंद होने से शरीर, गर्दन और छाती पर लाल दाने। फगल इंफेक्शन दाद खाज खुजली, गर्मी और नमी के कारण फंगस। मामलों में तेजी आई है।
मरीजों के शरीर पर लाल, सनबर्न और सन एलर्जी
धूप के कारण त्वचा का जलनाए लाल होना और खुजली। एक्जिमा और रैशेज: पसीने और तंग कपड़ों के कारण त्वचा में जलन।
क्या कहते हैं चिकित्सक
चकत्ते और तेज खुजली की शिकायत आम हो गई है। गर्मी में स्किन इंफेक्शन और वायरल के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। पसीना और गंदगी त्वचा पर बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जिससे दाने और एलर्जी की समस्या होती है।
-डॉ अभिषेक शर्मा, एमडी
गर्मियों में इम्युनिटी कमजोर होने के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। लक्षण नजर आते ही डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
-डॉ गगन सोनी, स्पेशलिस्ट







