कटनी
शहर में और महंगी होंगी जमीनें 1 अप्रैल से लागू होगी प्रॉपर्टी की नई गाइडलाइन, टारगेट पूरा करने में जुटा पंजीयन विभाग जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में तैयार किया गया प्रस्ताव

- कटनी, यशभारत। जिले में प्रॉपर्टी की नई गाइडलाइन 1 अप्रैल से लागू होने जा रही है। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद जमीनों की कीमतों में में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। महंगाई के इस दौर में जहां आम आदमी के लिए अपने सपनों का घर बनाना महंगा हो गया है तो अब इस सपने को पूरा करने के लिए उसे अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। जिला मूल्यांकन समिति ने दरों में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के लागू होते ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की कीमतें बढ़ जाएंगी। इसका सबसे ज्यादा असर शहर में देखने को मिलेगा। बताया जाता है कि कलेक्टर आशीष तिवारी की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में वर्ष 2026-27 की गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। दावा आपत्ति के बाद अब इसे केंद्रीय मूल्यांकन समिति के पास भेज दिया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद आगामी 1 अप्रैल से नई दरें लागू हो जाएंगी। प्रशासन का मानना है कि इस प्रक्रिया से रियल एस्टेट लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और राजस्व में भी वृद्धि होगी।
जानकारी के मुताबिक जिले की 1486 में से 871 लोकेशनों की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे शहरी और ग्रामीण मिलाकर 280 लोकेशन प्रभावित हैं। खासतौर पर कटनी ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के कारण यहां की जमीनों के दामों में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है। जिले में सबसे अधिक उछाल कटनी ग्रामीण क्षेत्र में देखने को मिलेगा। यहां करीब 20 लोकेशनों पर जमीन की कीमतों में 90 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है। 36 लोकेशन ऐसी हैं, जहां 90 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जा रही है, जिनमें से आधे से ज्यादा कटनी ग्रामीण क्षेत्र में ही हैं। कटनी नगर ग्रामीण की भी 6 लोकेशन इस श्रेणी में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे निर्माण, नई कॉलोनियों का विकास और शहरी विस्तार प्रमुख कारण माने जा रहे हैं, जिन प्रमुख गांवों और क्षेत्रों में अधिक वृद्धि होगी, उनमें कैलवाराखुर्द, छहरी, कैलवारा, जुहला, चाका, हिरवारा, गुलवारा, तखला, देवरी, गैतरा, इमलिया सहित अन्य शामिल हैं। इन इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है।
नई लोकेशन को गाइडलाइन में किया शामिल
शहर के विस्तार और नई कॉलोनियों के विकास को देखते हुए 10 नई लोकेशन को गाइडलाइन में शामिल किया गया है। इनमें सायना रेसिडेंसी, मित्तल इन्क्लेव, नेमी नगर, डायमंड सिटी, पीएम आवास योजना प्रेम नगर, पीएम आवास योजना झिंझरी, बजरंग कॉलोनी, जुहली रोडा, पडुआ मतवारी रोड और पडुआ अंदर क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हाल के वर्षों में तेजी से निर्माण कार्य हुआ है, जिससे इनकी बाजार में मांग बढ़ी है। विशेष रूप से झिंझरी रोड और उसके आसपास के इलाके भविष्य के प्रमुख रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रहे हैं।
अब तक मिला 135 करोड़ का राजस्व
जिले में प्रॉपर्टी बाजार की रफ्तार तेज बनी हुई है। वर्ष 2025-26 के लिए 149 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक 135 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि जमीन की खरीद-फरोख्त में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश के बेहतर अवसर बनेंगे।
ये लोकेशन शामिल
तहसीलवार लोकेशन में कटनी ग्रामीण 60, कटनी नगर ग्रामीण 148, कटनी नगर नगरीय 70, बरही ग्रामीण 37, बरही नगरीय 09, ढीमरखेड़ा ग्रामीण 97, उमरियापान शहरी 10, रीठी ग्रामीण 78, बहोरीबंद ग्रामीण 99, स्लीमनाबाद ग्रामीण 72, बड़वारा ग्रामीण 84, विजयराघवगढ़ ग्रामीण 89, कैमोरध्विगढ़ शहरी 17 सहित कुल 817 लोकेशन शामिल है।
इनका कहना है
जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में प्रॉपर्टी की गाइडलाइन में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। केन्द्रीय मूल्यांकन समिति की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए दावे एवं आपत्तियां भी आमंत्रित की गई हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के साथ ही विभागीय लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खुला रहेगा, जिसमें दस्तावेजों का पंजीयन कराया जा सकता है।
-पंकज कोरी, जिला पंजीयक





