मध्य प्रदेशराज्य

विडंबना : जिले के युवाओं को नहीं मिल पा रहा रोजगार, पलायन करने हो रहे मजबूर

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मंडलाl मुख्यालय में ही औद्योगिक क्षेत्र में करीब 79 उद्योग स्थापित है। इसमें आधा दर्जन बंद है इससे कही अधिक उद्योग प्रयोजन से हटकर काम कर रहे है। इसके चलते बेरोजगार युवको को काम नहीं मिल रहा है। यहां जिले से रोजगार की तलाश में मजदूरो के साथ बेरोजगार युवा काम की तलाश में पलायन कर रहे है। इसको लेकर जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियो के द्वारा कोई कार्ययोजना नहीं तैयार की जा रही है। बताया गया है कि उद्योग स्थापित होने के बावजूद बेरोजगारो के हाथो में काम नहीं है। हाई स्कूल व हायर सेंकडरी की शिक्षा लेने वाले युवा भी काम की तलाश में जिले को छोड़ रहे है। इसकी वजह यहां स्थापित उद्योगो की क्षमता कम है। जो उद्योग है वे युवाओ के कौशल के बाहर है। बड़े उद्योगों की कमी है। यहां मंडला मुख्यालय में ही बिझिंया देवदरा और गौंझी में इंडस्ट्रीयल विकसित किया गया है।

बिङ्क्षझया में 1.08 हेक्टेयर भूमि पर 33 उद्योग, देवदरा की 3.64 हेक्टेयर भूमि पर 45 उद्योग और गौंझी की 2.42 हेक्टेयर भूमि दो उद्योग स्थापित है लेकिन इन उद्योगो में मजदूरी के अलावा कोई दूसरे कौशल का कोई काम नहीं है। सीमेंट पाइप, फर्नीचर व साईकिल असेमबिल, बैटरी चार्ज, रूई के गद्दे व टायर रिमोल्डिग के काम हो रहे है। कई लोगो ने उद्योगो के लिए जमीन लेकर मोपेड वाहनो के शो रूम खोल रखे है। यहां तक रहवासी उपयोग भी कर रहे है। उद्योगो में वर्तमान शिक्षित बेरोजगारो के लिए कोई काम नहीं है। ऐसी स्थिति के समाधान करने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों पर जोर देने के साथ स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है। मंडला में बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नीतियां बनाई जाए लेकिन मंडला जिला प्रशासन के द्वारा इतने साल गुजर जाने के बाद भी स्थापित उद्योगो को लेकर किसी भी तरह की कोई चर्चा की जाती और नए उद्योगो को स्थापित करने के लिए कोई कार्ययोजना बनाई गई है। 

बेरोजगार युवाओ का कहना हैं….

मंडला में रोजगार नहीं है। शिक्षित होने के बाद भी पांच से आठ हजार का काम भी बमुश्किल मिलता है। जिम्मेदारियो को पूरा करने के लिए केरल हैदराबाद नागपुर जाना पड़ता है। स्थानीय जगह में बड़े उद्योग लगने से अच्छे वेतन यही काम मिल सकता है। 

राजेन्द्रच धुर्वे, युवा बेरोजगार

निवासी बिछिया ब्लॉरक जिला मण्डला 

मवई से मंडला आकर बीएससी की शिक्षा प्राप्त कर रहा हूं। साथ ही प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा हॅू। काम की तलाश है लेकिन यहां कोई उद्योग ही नहीं है। जहां बेहतर प्लेसमेंट मिलें। जो उद्योग लगे है वहां मजदूरी के अलावा कोई काम नहीं मिलता है। वहां श्रामिक अधिक है। जिले में बड़े उद्योगो का होना जरूरी है।

भरत पट्टा 

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