विक्रमादित्य वैदिक घड़ी 2.0 का वॉल वर्जन लॉन्च 21 लाख वर्ष पुरानी कालगणना से आगामी 5 लाख वर्षों तक का हिसाब, सीएम को भेंट की वैदिक रिस्ट वॉच

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी 2.0 का वॉल वर्जन लॉन्च
21 लाख वर्ष पुरानी कालगणना से आगामी 5 लाख वर्षों तक का हिसाब, सीएम को भेंट की वैदिक रिस्ट वॉच
भोपाल, यश भारत। मुख्यमंत्री निवास पर शुक्रवार को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी 2.0 के वॉल वर्जन का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विकसित इस डिजिटल घड़ी में करीब 21 लाख वर्ष पूर्व तक की पंचांगीय गणनाओं का अध्ययन और आगामी 5 लाख वर्षों तक की कालगणना देखने की सुविधा विकसित की गई है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि घड़ी में वैदिक समय के साथ मुहूर्त सूर्योदय सूर्यास्त चंद्रोदय चंद्रास्त तिथि पक्ष हिंदू मास नक्षत्र योग करण चौघड़िया सहित करीब 19 प्रमुख वैदिक एवं पंचांगीय तत्व शामिल हैं। वृद्धि तिथि अधिक मास और क्षय मास जैसी जटिल गणनाएं भी इसमें देखी जा सकेंगी। घड़ी में सूर्य चंद्रमा सहित नवग्रहों की स्थिति राशि नक्षत्र में गोचर और ग्रहों की मार्गी वक्री गति की जानकारी भी उपलब्ध होगी। इसकी कालगणना प्रणाली ऑफलाइन काम करने के लिए विकसित की गई है। इस अवसर पर वैदिक क्लॉक रिस्ट वॉच के अन्वेषणकर्ता मयंक पाटीदार और श्रीराम तिवारी ने मुख्यमंत्री को वैदिक रिस्ट वॉच भेंट की। रिस्ट वॉच में स्थान के आधार पर वैदिक समय और पंचांग संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी।







