यश भारत, सतना। चित्रकूट। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि से जुड़े पावन स्थल चित्रकूट में इस वर्ष रामनवमी का पर्व “प्राकट्य पर्व गौरव दिवस” के रूप में भव्यता के साथ मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमाओं में फैले इस धार्मिक क्षेत्र में शुक्रवार शाम 21 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर आस्था और श्रद्धा का अनुपम दृश्य रचा जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम को चित्रकूट पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे मंदाकिनी तट स्थित भरत घाट पर आयोजित गंगा आरती में सहभागिता करेंगे, जिसके बाद दीप प्रज्ज्वलन कर इस विशाल आयोजन का शुभारंभ करेंगे।
मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित प्रमुख घाट—भरत घाट और राघव प्रयाग घाट—इस आयोजन के मुख्य केंद्र होंगे, जहां लगभग 1.51 लाख दीप जलाने की विशेष तैयारी की गई है। इन घाटों को आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से सुसज्जित किया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र दिव्य आभा से आलोकित नजर आएगा।
इस महाआयोजन में 45 से अधिक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। प्रशासन ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरे चित्रकूट क्षेत्र को 8 जोनों में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि शाम 7 बजे एक साथ दीप प्रज्ज्वलन सुनिश्चित किया जा सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस आयोजन की विशेष पहचान होंगे। भरत घाट पर शाम 7 बजे से कार्यक्रमों की शुरुआत मऊगंज की बघेली लोक गायिका स्नेहा मिश्रा की प्रस्तुति से होगी। इसके बाद ग्वालियर की तरुणा सिंह के निर्देशन में श्रीराम के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। वहीं उज्जैन के प्रसिद्ध भजन गायक शर्मा बंधु अपनी भक्ति संगीतमय प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
पूरे आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। चित्रकूट की पावन धरती पर दीपों की यह श्रृंखला न केवल आस्था का प्रतीक बनेगी, बल्कि “प्राकट्य पर्व गौरव दिवस” को ऐतिहासिक रूप से यादगार भी बनाएगी।
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