सिवनी यश भारत |सिवनी शहरी क्षेत्र के गली-मोहल्लों तथा दूरस्थ गांवों में बढ़ती आवारा कुत्तों की आबादी ने लोगों को खौफ में जीने को मजबूर कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय कार्यक्रम के आंकड़े बताते हैं कि नागरिकों पर आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
सिर्फ लोगों को घायल करने तक आवारा कुत्तों का आतंक सीमित नहीं है, बल्कि खूंखार कुत्तों का शिकार बने लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। अप्रैल 2023 से अक्टूबर 2025 तक जिले में 16185 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटकर घायल किया है। इस अवधि में दो लोगों की मौत भी कुत्तों के हमलों में हुई है। वहीं बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। एनआरसीपी की रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान बंदर ने काटने से मात्र 508 लोग घायल हुए हैं। वहीं 973 लोगों को बिल्ली ने काटा है। जबकि 724 घायलों पर हिसंक वन्यजीवों के हमले का अंदेशा चिकित्सकों ने जताया है। क्योंकि जांच में किस प्राणी ने हमला किया है, यह स्पष्ट नहीं हो सका। शहर व गांव में में बढ़ते कुत्तों के हमलों की डरावनी तस्वीर सामने आ रही हैं, इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की ढुलमुल कार्रवाई लोगों की जान को खतरे में डालती दिख रही है। साल 2025 में अप्रैल से अक्टूबर तक सात माह में 4147 व्यक्तियों पर आवारा कुत्तों ने हमला किया है। औसत रूप लगभग 600 व्यक्ति पर आवारा कुत्तों का हमला हो रहा है, जो बेहद चिंताजनक व चौंकाने वाला है।
गौरतलब है कि सितंबर 2025 में कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के समनापुर गांव में कक्षा 7वीं की छात्रा अवनी विनोखे (13) पर आवारा कुत्तों के झुंड ने उस समय हमला किया जब वह अपनी सहेली के साथ खेत से लौट रही थी। कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोच डाला, जिससे उसकी मौत हो गई। अप्रैल 2023 में कान्हीवाड़ा के मुंडरईखुर्द में 55 वर्षीय केसर बाई हनुमत पर कुत्तों के झुंड ने हमला किया था। कुत्ते महिला के शरीर को नोचकर खा रहे थे। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था।
नववर्ष के प्रारंभ में बरघाट के गंगेरूआ-अरी में 3 दिनों में आवारा कुत्तों ने लगभग 40 लोगों को घायल किया था। जुलाई 2023 में कुरई विकासखंड में स्कूल जा रही एक 6 साल की बच्ची पर करीब 10-12 कुत्तों ने हमला किया। बच्ची के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं और उसे इलाज के लिए नागपुर रेफर करना पड़ा था। शहर के विवेकानंद वार्ड में घर के बाहर खेल रही एक 10 साल की बच्ची को कुत्ते ने कमर के पास से बुरी तरह नोच लिया था, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। वहीं बीते दिवस 10 से अधिक लोगो पर आवारा कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया।
आवारा आतंक से नहीं मिली राहतः-
सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश के बावजूद खूंखार आवारा कुत्तों के आतंक से जिलेवासियों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। सिवनी कटंगी मार्ग पर स्थित अरी व गंगेरूआ में लंबे लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक है। वहीं सिवनी मंडला मार्ग के भोमा, समनापुर, मुंडरई में भी गंभीर घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इसके बावजूद जिला व स्थानीय प्रशासन घटनाओं को रोकने कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है। क्षेत्रवासियों के अनुसार गंगेरूआ पटबर्रा बाजार के मैदान व बाजार चौक के आसपास अंडे व मुर्गी दुकानदारों द्वारा इधर-उधर अवशेष छोड़ दिए जाते हैं। यहां पर हमेशा आवारा कुत्तों का जमघट रहता है। मुर्गी का मांस व अवशेष खाकर आवारा कुत्ते खूंखार हो गए हैं, जो मांस नहीं मिलने पर क्षेत्रवासियों पर हमला कर घायल करते हैं।
कुत्तों को पकड़ने आगे नहीं आ रहा प्रशासनः-
जानकारी के अनुसार इसी जनवरी माह के प्रारंभ में गंगेरूआ अरी क्षेत्र में आवारा कुत्तों 40 से अधिक व्यक्तियों पर हमला कर घायल किया था। इसके बाद गंगेरूआ पंचायत के सरपंच नंदकिशोर पटले ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर आवारा कुत्तों को पकड़ने का आग्रह किया था। साथ ही नगर पालिका सिवनी प्रशासन व अध्यक्ष से लोगों को घायल कर रहे आवारा कुत्तों को पकड़ने में सहयोग करने की बात कही थी। घटना के लगभग 15 दिनों बाद भी बर गंगेरूआ-अरी में आवारा कुत्तों की स्थिति जस की तस है। बाजार व सड़क से निकलने वाले लोगों में इंड आवारा कुत्तों के हमलों का डर हमेशा बना रहता है। उल्लेखनीय है कि के न्यायालय ने आवारा कुत्तों के लिए सेल्टर होम निर्धारित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या में कमी आती नहीं दिख रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जयपाल सिंह ठाकुर का कहना है कि जिले में आवारा कुत्तों के हमले में घायल लोगों के लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रैबीज इंजेक्शन सहित उपचार की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है। बीते सालों की होने वाले लोगों के आंकड़ों में बढ़ोत्तरी हुई तुलना में आवारा कुत्तों के हमले में घायल है।
आंकड़े , एक नजर
2023 में 5342 लोगों को कुत्तों ने काटा
2024 में 6696 लोगों पर कुत्तों ने किया हमला
2025 में अप्रैल से अक्टूबर तक 4147 लोग बने कुत्तों का निशाना
बिल्ली बंदर और अन्य वन्यप्राणी के काटने के आंकड़े
वर्ष-बिल्ली-बंदर-अन्य वन्यप्राणी
2023-362-193-157
2024-487-191-292
2025-462-124-275
Back to top button