कटनीमध्य प्रदेश
मुक्तिधाम में ताला ही नहीं, भ्रष्टाचार की परतें भी खुलीं
निगमायुक्त तपस्या परिहार के निरीक्षण में बड़ा खुलासा

- कटनी, यशभारत। शहर के मुक्तिधाम में बंद पड़े शवदाह गृह का ताला खुलने के साथ ही निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निगमायुक्त तपस्या परिहार के अचानक निरीक्षण में केवल अव्यवस्था ही नहीं, बल्कि पूर्व में हुए कथित भ्रष्टाचार की परतें भी सामने आईं।
सूत्रों के अनुसार, शवदाह गृह के रखरखाव और मरम्मत के नाम पर पहले भी बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मशीनें बंद पड़ी रहीं और सुविधा ठप रही। सवाल यह उठ रहा है कि जब राशि खर्च दर्शाई गई, तो फिर शवदाह गृह चालू क्यों नहीं हुआ? आखिर जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण और मॉनिटरिंग क्यों नहीं की?
निगमायुक्त ने मौके पर नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट कहा कि मुक्तिधाम जैसी संवेदनशील जगह पर वित्तीय अनियमितता और लापरवाही बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने संबंधित फाइलों और खर्च के रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए हैं। यदि गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।
गौरतलब है कि शवदाह गृह लंबे समय से बंद होने के कारण शोकाकुल परिवारों को असुविधा झेलनी पड़ रही थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे। अब निरीक्षण के बाद न केवल शवदाह गृह दोबारा शुरू कराने की कवायद तेज हुई है, बल्कि पूर्व में हुए कार्यों और भुगतान की भी पड़ताल शुरू हो गई है।
मुक्तिधाम में वर्षों से चली आ रही सुस्ती और कथित भ्रष्टाचार पर अब प्रशासनिक सख्ती का शिकंजा कसता दिख रहा है। शहरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच केवल कागजों तक सीमित रहेगी या वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।





