मिलर्स का सरकार को अल्टीमेटम: “अपग्रेडेशन राशि दो, वरना मिलिंग बंद”
चावल उद्योग महासंघ ने अधिकारियों की बैठक में दिया मांग पत्र

कटनी – धान मिलिंग को लेकर मिलर्स और सरकार के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा हैं। बताया जाता हैं की गक्त दिवस नागरिक आपूर्ति निगम के प्रदेश मुख्यालय भोपाल में चावल उद्योग महासंघ के पदाधिकारियों की एक आवश्यक बैठक विभागीय अधिकारियों के साथ हुई। चावल उद्योग महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों के अलावा कटनी से युवा व्यवसायी ईश्वर रोहरा भी शामिल रहे। महासंघ की खाद्य एवं आपूर्ति निगम विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुणा शमी, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध सचिव अनुराग वर्मा, महाप्रबंधक मनोज वर्मा एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में बैठक हुई।
“आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा”
इस दौरान चावल उद्योग महासंघ ने आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा एवं अधिकारियों को राइस मिलर्स को हो रहीं समस्या के विषय में विस्तार से बताया की शासन से मिलर्स ने 24-25 में की गई मिलिंग पर अपग्रेडेशन राशि, हमाली एवं बारदाने की उपयोगिता व्यय राशि दिए जाने संबंधी मांग की गई है। इसके साथ ही कहा कि वर्ष 2025-26 में किए जा रहे उपार्जन के अंतर्गत की जाने वाली मिलिंग पर 200 रुपए अपग्रेडेशन राशि देने संबंधी आदेश जारी किया जाए। जब तक आदेश जारी नहीं होगा, तब तक प्रदेश के मिलर्स मिलिंग कार्य नहीं करेंगे।
महासंघ के अध्यक्ष ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि शासन हम पर मिलिंग एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई बाद में करेगा हम पहले ही अपनी मिल की चाबी शासन को सौंपने के लिए तैयार हैं। शासन चाहे तो हमारी मिलों का अधिग्रहण कर ले, हम उसके लिए भी तैयार हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में भी बिना अपग्रेडेशन के आदेश हुए हम मिलिंग करने की स्थिति में नहीं हैं। महासंघ के द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को सुनने के बाद क अपर मुख्य सचिव ने समस्याओं व मांगों पर उचित निर्णय लिए जाने के लिए कुछ समय मांगा है। उन्होंने उच्च स्तर पर अवगत कराकर जवाब देने का आश्वासन दिया गया है।






