नरसिंहपुर यशभारत। मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर स्नान के लिए माँ नर्मदा के सभी तटों पर श्रद्घालुओं की भीड़ रही। मकर संक्रांति पर्व के दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का नर्मदा तटों पर पहुंचना प्रारंभ हो गया था और संक्रांति के दिन नर्मदा में डुबकी लगायी। भगवान ब्रम्हा की तपोस्थली ब्राम्हण घाट में मकर संक्रांति मेले की भी धूमधाम से शुरू हुई।
संक्रांति स्नान के लिए जिला सहित आसपास के जिलों सागर, दमोह से बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं की टोली भजन-संकीर्तन करते पारंपरिक बंवुलिया गाते हुए कांवर लेकर बरमान के सीढ़ी घाट और मेला स्थल पर पहुंचे। नर्मदा के दोनों घाटों पर सुबह से भीड़ बढऩा शुरू हो गई। देर शाम यहां हजारों की तादाद में श्रद्घालुओं ने मुर्हूत की डुबकी लगाई और सुबह भी तिल स्नान करने के लिए डेरा जमा लिया था और पुण्य की डुबकी लगायी। संक्रांति स्नान के लिए पहुंची श्रद्घालुओं की भीड़ ने मुर्हूत का इंतजार पिकनिक मनाते हुए किया।
पारिवारिक सदस्यों, दोस्तों की टोलियों में आए लोगों ने नर्मदा की तलहटी में होने वाले भटे के भर्ता और बाटियों का स्वाद लिया। जगह-जगह भंडारे भी चलते रहे। घाट के दोनों तरफ प्राचीन मंदिरों में भी सुबह से देर शाम तक लोगों की भीड़ रही। मकर संक्रांति मेले में बुधवार की सुबह से ही लोगों की भीड़ बढऩे के कारण व्यापारियों ने अच्छा मुनाफा कमाया। सुबह से दोपहर तक तो मेला स्थल पर लगे ड्रेगन झूला, आसमानी चकरी और मैजिक शो में लोग कम पहुंचे, लेकिन दोपहर बाद झूले भी खूब चले और मैजिक शो देखने बच्चों, महिलाओं, युवाओं की भीड़ रही। बरमान मेले में मुंबई के मीना बाजार और मनिहारी की दुकानों में महिलाओं-युवतियों की खासी भीड़ रही। पहले दिन बर्तन, कपड़े का व्यवसाय भी खूब चला। भीड़ का आलम यह रहा कि मीना बाजार में तो दुकानों पर खरीदी करने के लिए महिलाओं को भीड़ कमने का इंतजार करना पड़ा। व्यापारी भी इस जुगत में ज्यादा व्यस्त रहे कि दुकान पर आने वाले ग्राहक इधर-उधर न हो जाएं। वहीं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर स्थानीय झिरना में भी मेले का आयोजन किया गया जहां श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मेले का लुत्फ उठाया।
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