पेड़ के नीचे संदिग्ध हालत में मिला तेन्दुए का शव, ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र के गिरुहा नाला का मामला, क्षेत्र में हडक़ंप, हाईटेंशन तार से करंट लगने की आशंका, वन विभाग ने शुरू की जांच

कटनी, यशभारत। वन परिक्षेत्र ढीमरखेड़ा के ग्राम भमका और परसेल के बीच गिरुहा नाला के पास विगत दिवस एक तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हडक़म्प मच गया। घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने तत्काल वन विकास निगम के कर्मचारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पिछले तीन-चार दिनों से इस क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं। गिरुहा नाला में पानी उपलब्ध होने के कारण तेंदुआ इसी इलाके में डेरा जमाए था और आसपास के जंगल में सक्रिय था। ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर तेंदुए का शव मिला है, उसके ठीक ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। यह लाइन पास के पेड़ से टकरा रही थी, जिससे करंट फैलने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ में करंट आने के कारण ही तेंदुआ उसकी चपेट में आ गया होगा। घटनास्थल पर पेड़ के तने पर आग लगने के स्पष्ट निशान भी पाए गए हैं, जिससे यह आशंका जाहिर की गई है कि बिजली लाइन के संपर्क से करंट फैला होगा।
वन विभाग के अधिकारी पहुंचे
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। वन विकास निगम की टीम ने मौके का मुआयना कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। साथ ही डॉग स्क्वॉड को भी घटनास्थल पर बुलाया गयाए ताकि किसी अन्य गतिविधि या मानव हस्तक्षेप की संभावना को भी खारिज किया जा सके। तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल करंट लगने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है, लेकिन अन्य पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
डिप्टी डीएम भी मौके पर पहुंचे
डिप्टी डीएम वन विकास निगमए कुंडम प्रोजेक्ट अभिश्वेता रावत ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में विद्युत लाइन की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित विभाग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में खुले तौर पर गुजर रही हाईटेंशन लाइनों और पेड़ों से उनके संपर्क को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। यदि समय रहते ऐसी समस्याओं का समाधान नहीं किया गयाए तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं।







