
जबलपुर. हमने तो कभी सपने में नहीं सोचा था कि अब देश के प्रख्यात फ्लैट लिस्ट अरविंद मलिक इतनी जल्द हमें छोड़कर दुनिया से अलविदा हो जाएंगे. सरल सहज और व्यवहार कुशल श्री मलिक लगभग 5 दशकों से अधिक समय तक डाक टिकट संग्रह के क्षेत्र में अग्रणी रहे वे सिर्फ अग्रणी ही नहीं रहे डाक टिकट के प्रति उनकी दिलचस्पी लगन और मेहनत को कभी भुलाया नहीं जा सकता. लगभग 1000 से अधिक प्रदर्शनियों का उन्हें बखूबी अनुभव है प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर हो अथवा कोई विशेष अवसर हो श्री मलिक ने जहां जगह मिली वहीं पर प्रदर्शनी का आयोजन किया और समाज को एक नया रास्ता दिखाने का कार्य किया. प्रत्येक विषय की थीम पर उन्होंने प्रदर्शितियां लगाकर टिकट के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी का आदान प्रदान किया. विशेष आवरण में उनकी विशेष रुचि रही वे देश के प्रत्येक राज्य के विशेष आवरण को एकत्रित करने की शौकीन थे सिर्फ इतना ही नहीं डाक टिकट हो प्रथम दिवस आवरण हो अथवा ब्रोशर हो उनकी लगन को प्रदर्शनियों के माध्यम से परखा जा सकता है. इस क्षेत्र में श्री मलिक के लगभग 5000 से अधिक साथी आज दुख की घड़ी में खड़े हैं. उनके अचानक हमारे बीच से चले जाना दुखद तो है लेकिन इस क्षेत्र में एक सूनापन अब महसूस होने लगा है और इसकी भरपाई कर पाना अब संभव है. श्री मालिक एक ऐसे फ्लैट लिस्ट थे जिन्होंने कभी किसी से कोई शिकायत नहीं की बल्कि लोगों की मदद ही की इतना कुशल व्यवहार बहुत कम लोगों में मिलता है वह इस क्षेत्र में बेहतर जानकारी रखते थे और गुणवान भी थे. जबलपुर शहर में ऐसा कोई अखबार नहीं है जहां उनकी प्रदर्शनी की फोटो और समाचार प्रकाशित न होते हो बल्कि मीडिया के लोग भी उन्हें अच्छी तरीके से पहचानने लगे थे और उनके उनके साथ मधुर संबंध भी बन चुके थे. अभी हाल ही में अक्टूबर माह में ही उन्होंने दो प्रदर्शनिया आयोजित की जिन्हें खूब सराहा गया. विभिन्न थीम की डाक टिकट का संग्रह उनके पास मौजूद था जिसके माध्यम से वे स्कूली बच्चों शिक्षकों के अलावा समाज के विभिन्न वर्गों में अपनी एक अलग छाप भी छोड़ गए हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता श्री मलिक के दुनिया से अलविदा कह देने से ही मन में एक दुख सा महसूस होने लगता है और उनकी याद आने लगती है आज उनके परिवार के समक्ष जो दुख का पहाड़ टूट पड़ा है ईश्वर उन्हें संभल प्रदान करें तथा इस दुख की घड़ी में उनकी मदद करें यही कामना हम फिलेटली के सभी सदस्य तथा समाज के विभिन्न वर्गों के वे लोग जो श्री मलिक से लंबे समय तक जुड़े रहे उन्हें शत-शत श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं प्रभु हमें श्री मलिक के कदमों में चलने का संबल प्रदान करें ताकि हम इस क्षेत्र को बरकरार रखने में सफल रहे.







