देश

दूसरे प्रदेशों से कटनी लाकर किया जा रहा धान का स्टाक, उपार्जन शुरू होने के बाद केन्द्रों में बेचने की तैयारी, जिले की सीमाओं पर चल रहा खेल

कटनी, यशभारत। जिले में समर्थन मूल्य पर आगामी 2 दिसंबर से 84 केन्द्रों में धान की खरीदी शुरू होगी। इस बार राज्य सरकार द्वारा कटनी जिले को साढ़े 4 लाख मैट्रिक टन का धान के उपार्जन का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन इसके पहले ही दूसरे राज्यों से धान को कटनी लाकर खपाने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। सूत्रों के मुताबिक बड़ी तादात में धान को कटनी लाकर स्टाक कर लिया गया है और जैसे ही धान की खरीदी शुरू होगी, वैसे ही इसकी खपत शुरू हो जाएगी। पिछले कई सालों से धान की खरीदी के दौरान इस तरह का खेल किया जा रहा है, इसके बाद भी न तो प्रशासन को इसकी भनक लग रही है और न ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की थी। तत्कालीन कलेक्टर अवि प्रसाद की सख्ती के चलते गत वर्ष अन्य जिलों से आने वाली धान कटनी नहीं आ पाई थी लेकिन इस बार प्रशासन इस तरह की कार्यवाही में सुस्ती दिखा रहा हैं, जिसका फायदा उठाने की तैयारी बिचौलियों द्वारा की जा रही है और प्रदेश के बाहर की धान कटनी में गलाने की तैयारी की जा रही है। सूत्र बताते है कि जिले की सीमाओं में ये खेल बेखौफ चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक दमोह, पन्ना, रीवा और मैहर के रास्ते रात के अंधेरे में ट्रकों से धान लाई जा रही हैं। इस खेल के माहिर सूत्र बताते हैं कि जिले में अब तक 100 से 150 ट्रक धान फर्जी किसानों के नाम व्यापारियों ने दबा भी ली हैं। अगर इस की सूक्ष्मता से जांच की जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता हैं। कुछ अपुष्ट सूत्र कहते है कि मुख्यालय सहित आसपास के रीठी, मुहांस, भरतपुर, खाम, बडग़ांव, स्लीमनाबाद, ढीमरखेड़ा, बरही, विजयराघवगढ़, बड़वारा सहित अन्य गांवों में बिचौलियों द्वारा बड़ी संख्या में धान का स्टॉक किए जाने की खबर है। गौरतलब हैं कि इससे पहले सस्ती और खराब क्वालिटी की धान को अधिक दामों में खपाने के एक मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। बहोरीबंद क्षेत्र के सिहुंड़ी में अधिकारियों ने दबिश देकर बड़ी मात्रा में धान जब्त की थी। सूत्र यह भी बताते हैं कि बड़े स्तर पर मिलीभगत से यह खेल वर्षों से फल फूल रहा है। किसानों के रजिस्ट्रेशन पर यह धान खपाई जाती है। किसान का जितना रजिस्ट्रेशन रहता है, उतनी उपज वह नहीं कर पाता है और रजिस्ट्रेशन किसी और को दे देता है। इस खेल में खराब धान की बिक्री भी अच्छी धान के मूल्य पर कर दी जाती है।images 18 31 images 18 30

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button