देश

तेज हुई गणेशोत्सव की तैयारियां, सजने लगे भव्य पंडाल, गणेश चौक फिर बनेगा आकर्षण का केंद्र, गणेश प्रतिमाएं लेने उमड़ने लगी भीड़

कटनी, यशभारत। शहर कटनी में गणेश चतुर्थी की तैयारियां शुरू हो गई है। विघ्नहर्ता को घरों में स्थापित करने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त बुधवार को मनाई जाएगी।

कल 26 अगस्त को हरतालिका तीज व्रत के बाद शहर में जगह जगह भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना का सिलसिला शुरू हो जाएगा। अनेक स्थानों पर पंडाल लग चुके हैं, जहां प्रतिदिन साज सजावट बढ़ती जाएगी। विघ्नहर्ता को घरों में स्थापित करने के लिए भी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। घरों में भगवान गणपति की स्थापना कटनी में बड़े पैमाने पर की जाने लगी है। गणेशोत्सव को भी लोग घरों में एक फेस्टिवल के तौर पर मनाने लगे हैं। गणपति की घरों में अगवानी कर बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी उत्साहित रहते हैं। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। कचहरी चौक से लेकर सेंटपाल स्कूल रोड, शेर चौक से झंडबाजार रोड, चांडक चौक, अल्फर्ट गंज मधर्ई मंदिर, माई नदी पीयूष स्कूल के पास, माधवनगर मुख्य बाजार और एनकेजे बजरिया जैसे इलाकों में गणेश मूर्तियों की दुकानें सज चुकी हैं। इन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग प्रतिमाएं लेने पहुंच रहे हैं। मूर्तिकार भी अपनी कला को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि भक्तों को बेहतरीन प्रतिमाएं मिल सकें।

घरों में बच्चे बना रहे ईको फ्रेंडली गणेश

इस बार पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। घरों में बच्चे और बड़े मिलकर मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव है। कटनी की मूर्तिकला की ख्याति आसपास के शहरों में भी है। अजीत गुप्ता ने बताया कि वे 35 सालों से यहीं से मूर्तियां खरीदकर बाहर ले जा रहे हैं। यहां के कलाकारों की कला बहुत ही अनोखी और निराली है, इसीलिए हम हर साल यहीं से मूर्तियां ले जाते हैं और अन्य शहरों में बेचते हैं।

आकर्षण का केंद्र रहता है गणेश चौक

गणेशोत्सव पर सिविल लाइन स्थित गणेश चौक प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहता है। यहां पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश का मंदिर है और उसकी मान्यता के चलते लोगों ने इस चौराहे को खुद से ही गणेश चौक कहना शुरू कर दिया। बताते हैं कि 45 वर्ष पूर्व शहर के व्यवसायी स्वर्गीय अशोक अग्रवाल ने भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कराई थी। तब से उनका ही परिवार मंदिर की देखरेख करता आ रहा है। इतने ही साल से मंदिर क्षेत्र में गणेशोत्सव पर मेला लगता है, जिसका स्वरूप लगातार बढ़ता जा रहा है। दस दिन शहर ही नहीं आसपास से भी लोग भगवान के दर्शन करने और मेला का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। वर्तमान में अग्रवाल परिवार के लोग मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। यहां मंदिर में मूल स्वरूप में विराजित प्रतिमा के अलावा भी जबलपुर के मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई विशाल प्रतिमा की स्थापना कराई जाती है। हर दिन भक्तों की भीड़ पहुंचती है। यह विराजित प्रतिमा शहर में अनंत चतुर्दशी को निकलने वाली शोभायात्रा की अगुवाई करती है। गणेश चौक से ही जुलूस शुरू होता है, जो मुख्य मार्ग से होता हुआ कटनी नदी के घाटों में विसर्जन को पहुंचता है। 10 दिन तक गणेश चौक के अलावा उससे जुडऩे वाले सभी मार्ग भी दस दिन तक रंगीन रोशनी से नहाए रहते हैं। मेला स्थल में खानपान के साथ सामग्री की दुकानें व मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराए जाते हैं, जिसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।

Screenshot 20250825 161641 Photos2
Screenshot 20250825 161655 Photos2 Screenshot 20250825 161628 Photos2 Screenshot 20250825 161659 Photos2Screenshot 20250825 152509 Drive2

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button