कटनी

टॉप थ्री रेंकिंग और फाइव स्टार की चाहत…ओडीएफ प्लस के बाद वाटर प्लस की तैयारी, कभी भी आ सकती स्वच्छता सर्वेक्षण टीम, वार्डों में जाकर देखेगी जमीनी हकीकत

कटनी, यशभारत। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण काफी विलम्ब से होने जा रहा है। पहले यह जनवरी और फरवरी के महीने में होता था, लेकिन इस बार मई में सर्वे किया जा रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है। शहर को स्वच्छ बनाने नगर निगम ने पूरी की पूरी टीम उतार दी है। शहर का हर कोना चमकाने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय सर्वेक्षण टीम कभी भी शहर आकर सर्वे कर सकती है। सर्वे टीम शहर के किसी वार्ड में जाकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेगी, साथ ही फ्लाइओवर, सार्वजनिक दीवारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण करेगी। इसके अलावा शहर के स्कूलों में भी स्वच्छता जागरूकता और व्यवस्थाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि सर्वेक्षण के लिए तैयारियां की जा रही है। रेंकिंग को सुधारकर टॉप थ्री लिस्ट में शामिल होने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सर्वेक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, पार्कों की साफ सफाई, सडक़ों की स्वच्छता, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, फव्वारों की कार्यशीलता, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था, वार्ड स्तर पर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और कचरे के पृथक्कीकरण की व्यवस्था का सूक्ष्म अवलोकन किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों से सीधे फीडबैक भी लिया जाएगा, जो कुल अंकों में अहम भूमिका निभाएगा।
सफाई को लेकर हो रही यह पहल
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर प्रयास भी किए जा रहे हैं। शहर में स्वच्छता को लेकर कई अभियान चल रहे हैं। यह बात अलग है कि सार्थक परिणाम सामने नहीं आ रहे। शहर में साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, कचरे का परिवहन, प्रोसेसिंग, खाद का निर्माण व अपशिष्ट का निष्पदान की प्रक्रिया हो रही है। इसके अलावा लगातार स्वच्छता जागरुकता का कार्यक्रम चलता है। नगर निगम से एक कंपनी ओम साईं विजन अनुबंधित है, जिसको हर माह लाखों रुपए का भुगतान हो रहा है, इसके बाद भी कंपनी लोगों को जागरुक नहीं कर पा रही है।
कटनी नगर निगम का टारगेट
नगर निगम कटनी की प्रदेश में अभी आठवीं रेंक है, जिसे सुधारकर टॉप थ्री में आने की कोशिश है। इसी तरह कटनी नगर निगम को स्टार थ्री का दर्जा है, जबकि इस बार फाइव स्टार का दर्जा प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा नगर निगम कटनी को ओडीएफ प्लस-प्लस दिया जा चुका है, इसे बरकरार रखने पर जोर दिया है और इस बार एसटीपी का निर्माण पूर्ण होने के बाद वाटर प्लस की तैयारी की जा रही है।
कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत फीडबैक
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत कटनी में जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा व्यापक स्तर पर स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शहर के नागरिकों से अपील की जा रही है कि क्यूआर कोड के माध्यम से अपना फीडबैक अवश्य दें। बताया जाता है कि कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत से अधिक फीडबैक होने पर ही इसका फायदा रैंकिंग में मिल सकता है, इसमे भी सकारात्मक फीडबैक होना चाहिए।
दावों की खुल रही पोल
नगर निगम प्रशासन भले ही शहर में स्वच्छता का दावा करे लेकिन हकीकत इससे कोसो दूर है। शहर में मौजूदा हालात पर नजर डाली जाए तो कई स्थानों पर नगर निगम प्रशासन की तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। कई वार्डों में नालियां गंदगी से भरी हैं। कुछ सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और सौंदर्यीकरण के कार्य भी अधूरे दिखाई देते हैं। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था भी नियमित और प्रभावी नहीं मानी जा रही है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो सर्वेक्षण में अंक कटना तय है। मैदानी निरीक्षण और नागरिक फीडबैक में लापरवाही रैंकिंग पर भारी पड़ सकती है।
इनका कहना है
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए तैयारियां की जा रही है। टीम के अधिकार कभी भी कटनी आ सकती है। वार्डों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देेने के साथ ही रात्रिकालीन सफाई कराई जा रही है। प्री-सर्वे हो चुका है और अब फाइनल सर्वे की तैयारी है।
-आदेश जैन, नोडल अधिकारी, नगर निगम,

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