जबलपुर में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों ने बना डाली भगवान गणेश की मूर्तियां, मार्केट स्टॉल लगाकर बेच रहे

जबलपुर यश भारत। जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल में आजीवन सजा काट रहे 12 बंदियों ने गणेश प्रतिमाएं तैयार की है। सबसे पहले तो इन 12 बंदियों ने मूर्तियों को बनाने का सांचा तैयार किया और फिर सुंदर रंग रूप देकर मूर्ति तैयार की। इन मूर्तियों को तैयार करने में बंदियों को 2 महीने की मशक्कत करनी पड़ी। जिसके बाद अब यह मूर्तियां जेल परिसर के बाहर विक्रय के लिए लगाई गई है। सेंट्रल जेल के यह 12 बंदी आजीवन कैद की सजा काट रहे हैं।
शुद्ध गोबर मिट्टी और तुलसी के बीज की बनी प्रतिमाएं
बंदी के मुताबिक प्रतिमाओं को शुद्ध गोबर, तुलसी के बीज और मिट्टी के साथ तैयार किया गया है। जेल के बंदी इसके पहले भी मूर्तियां बनाने का काम करते थे। लेकिन हर वर्ष मूर्ति बनाने के कारण अन्य बंदी भी इस कार्य में निपुण हो गए और इस वर्ष 12 बंदियों ने मिलकर मूर्तियां बनाई । प्रतिमा को बनाने के लिए बंदियों ने शुद्ध गोबर, मिट्टी रंग सहित अन्य सामान की मांग की थी। जिसके बाद जेल प्रशासन में बंदियों को सारी सामग्री उपलब्ध कराई। जिसके बाद 12 बंदियों ने मेहनत से 12 प्रतिमाओं को तैयार किया।
इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं बनाई गई
जेलर मदन कमलेश के मुताबिक गणेश प्रतिमाएं इको फ्रेंडली बनाई गई हैं। मूर्तियां के लिए किया जा रहा कलर केमिकल मुक्त हैं। जो पर्यावरण को किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाता है। साथ ही सस्ते दामों में भी प्रतिमाएं उपलब्ध कराई जा रही है। जिसकी कीमत ₹51 से लेकर ₹351 तक रखी गई है। जिसे जेल परिसर के बाहर आसानी से खरीदा जा सकता हैं।







