मध्य प्रदेशराज्य

खौफनाक मनेरी हत्याकांड : 2 मासूमों सहित 6 लोगों की तलवार और बके से हमला कर नृशंस हत्या, आरोपी हरी को मृत्युदंड की सजा 

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मंडला l मंडला जिले अंतर्गत 15 जुलाई 2020 को हुए मनेरी हत्याकांड ने सब की रूह है कंपा दी थी। इस वीभत्स कांड में 6 वर्षीय और 8 वर्षीय बच्चों सहित कुछ 6 लोगों की हत्या पारिवारिक विवाद में की गई थी l इस कांड के बाद गिरफ्तार हुए एक आरोपी को माननीय न्यायालय ने मृत्युदंड की सजा सुनाई हैl

मीडिया प्रभारी अभियोजन जिला मण्डला द्वारा जानकारी दी गई कि अपर सत्र न्यायालय निवास ने मनेरी हत्याकांड के आरोपी हरी उर्फ हरीश सोनी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

 थाना बीजाडांडी के अप0क्र0 106/2020 पर संस्थित सत्र प्रकरण क्रमांक 81/2020 के आरोपी हरी उर्फ हरीश सोनी पिता सुंदर लाल सोनी, निवासी ग्राम मनेरी थाना बीजाडांडी जिला मण्डला को मामले की सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिन्हा ने यह निर्णय दिया। मामला इस प्रकार है, कि फरियादी संतोष उर्फ गुड्डा सोनी पिता फूलचंद सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मैं मनेरी में रहता हूं, खेती का काम करता हूं, हम लोग 6 भाई 2 बहन हैं। बड़ा भाई परिवार सहित जबलपुर में रहता है। बाकी हम पांच भाई मनेरी में रहते हैं, मेरा मंझला भाई राजेन्द्र (रज्जन) सोनी बाजार में घर बनाकर रहते हैं, खेती और व्यापार करते हैं। बाकी भाई बस्ती वाले घर में रहते हैं। हरी उर्फ हरीश सोनी एवं संतोष सोनी रिश्ते में चाचा के लड़के हैं, इनसे लंबे समय से हमारा बोलचाल बंद है, मेरा छोटा भाई विनोद सोनी उप सरपंच है। हरि एवं संतोष सोनी अकेले घर में रहते हैं और कभी बाहर जाते हैं, तो बहुत दिनों तक वापस नहीं आते हैं। इस कारण से इनका प्रधानमंत्री आवास कैंसिल हो गया तो दोनों भाई सोचने लगे कि उपसरपंच विनोद सोनी एवं राजेन्द्र सोनी ने आवास कैंसिल कराये हैं और रंजिश रखने लगे इसी प्रकार कुछ दिन पहले अपने पैत्रक मकान की शीट एवं गेट कबाड़ी को बेच दी l जिस पर उनके सौतेले भाई सतीश सोनी ने पैसा मांगा तो उसको दोनों ने मना कर दिया जिसकी शिकायत सतीश बड़े भैया राजेन्द्र सोनी से करने आया था, जिस पर दोनों भाई सोचने लगे कि हमारे भाई को ये लोग बहका रहे हैं। इन सारी बातों को लेकर जब मैं घर में सोया था, तब पप्पू जैन ने आकर बताया कि जल्दी चलो हरि एवं संतोष सोनी ने तुम्हारे बड़े भैया राजेन्द्र (रज्जन) और उनकी लड़की रानू का मर्डर कर दिये हैं। मैंने वहां जाकर देखा तो भाई राजेन्द्र सोनी और उनकी बेटी रानू दुकान के अंदर औंधे पड़े थे, दोनों के गर्दन और सिर में चोट लगी थी, खून बह रहा था, दोनों मर चुके थे और राजेन्द्र सोनी के बदन में मिर्ची पाउडर लगा था। बाहर निकलने पर मुझे पता चला कि मेरे छोटे भाई विनोद सोनी को भी दोनों ने मार डाला है और उसके 2 छोटे-छोटे बच्चों ओम सोनी 8 वर्ष एवं श्रीयांस सोनी 6 वर्ष को भी दोनों ने मार डाला है। 

राजेन्द्र भैया के समधी दिनेश सोनी को भी मौत के घाट उतार दिया है। और भतीजे नितिन सोनी, भाई प्रमोद सोनी, रिंकी सोनी एवं बीच बचाव करने आये सानू तिवारी, सुनील तिवारी को भी मारकर घायल कर दिया है, जिन्हें लोगों ने अस्पताल पहुंचाया है। दोनों भाई हाथ में तलवार और कुल्हाड़ी लेकर बेखौफ गांव में घूम रहे थे। मुझे देखकर दोनों मुझे भी मारने दौड़े तब भागकर मैंने अपनी जान बचायी। इस घटना की सूचना जैसे ही फोन के माध्यम से थाना प्रभारी बीजाडांडी को लगी जो मण्डला से वापस थाना आ रहे थे, वह भी तत्काल मौके पर पहुंचे तब तक वहां थाना बीजाडांडी के साथ-साथ थाना निवास एवं थाना टिकरिया का बल, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस निवास सहित उपस्थित थे। तब दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ने का प्रयास किया जिसमें आरोपियों ने पुलिस पर भी हमला किया पुलिस द्वारा जबावी कार्यवाही की गई। एक आरोपी संतोष सोनी मौके पर ही मारा गया एवं दूसरे भाई हरी एवं हरीश सोनी को पुलिस द्वारा पैर में गोली मारकर काबू किया गया। थाना बीजाडांडी ने मामले में विवेचना पूर्ण करके माननीय न्यायालय के समक्ष चालान प्रस्तुत किया। प्रकरण को पुलिस अधीक्षक मण्डला द्वारा चिन्हित एवं सनसनीखेज श्रेणी में रखा गया।

विचारण के दौरान न्यायालय में आई साक्ष्य एवं अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्कों पर विचार करते हुए माननीय अपर सत्र न्यायाधीश ने प्रकरण के आरोपी हरी उर्फ हरीश सोनी को धारा 302 भादंवि में मृत्युदंड एवं 500.00 की दर से 6 काउंट कुल 3000.00 रू0 अर्थदंड, धारा 307 भादंवि में 5 काउंट आजीवन कारावास (एक के बाद एक ) एवं 2500.00 रू0 अर्थदंड, धारा 449 भादंवि में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 500.00 रू० अर्थदंड, धारा 25 (1-बी) आर्म्स एक्ट में 2 वर्ष कारावास एवं 1000.00 रू० अर्थदंड कुल अर्थदंड 7000.00 रू0 से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से अभियोजन संचालन, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी निवास, श्रीमती उज्ज्वला उईके द्वारा किया गया। प्रकरण में विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी सुदर्शन टोप्पो, मर्ग जांच चौकी प्रभारी एस०एस० उसराठे ने की एवं इसके अतिरिक्त प्रकरण के विचारण के दौरान साक्षियों को समंस वारंट तामील कराते हुए समय पर उस्थित कराने में उप निरीक्षक पंकज विश्वकर्मा एवं उप निरीक्षक शशांक शुक्ला मनेरी, आरक्षक क्र० 297 रोशनलाल सिंगरौरे द्वारा साक्षियों को समंस वारंट निकालने, एवं अभियोजन कार्य में सहायक ग्रेड 3 नंद किशोर साहू का विशेष सहयोग रहा।

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