खरीदी केन्द्रों में लुट रहा अन्नदाता, उपज की तौल के लिए की जा रही अवैध उगाही, अब तक 21403 किसानों से 1 लाख 84 हजार मीट्रिक टन धान का उपार्जन

कटनी, यशभारत। जिले में समर्थन मूल्य पर शुरू हुये धान उपार्जन में कई तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों ने बताया कि उनकी उपज की तौल के लिए वेवजह परेशान किया जा रहा है। समिति में कार्यरत लोगों द्वारा प्रति क्विंटल धान के लिए अवैध रूप से उगाही की जा रही है। जिससे किसान परेशान है। शासन के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। उधर दूसरी तरफ जिले में अब तक 21 हजार 403 किसानों से अब तक 1 लाख 84 हजार 135 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। जिले में 51 हजार 663 कृषकों द्वारा स्लॉट की बुकिंग की जा चुकी है तथा 1 लाख 6 हजार 838 मीट्रिक टन के स्वीकृति पत्रक भी जारी किये जा चुके है। साऊथ ही अब तक कृषकों को उपार्जित धान का 154.01 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। जिले में अब तक समर्थन मूल्य पर हुए धान उपार्जन के मामले में तहसील बहोरीबंद अग्रणी है। यहां अब तक की स्थिति में कुल 4096 किसानों से 36 हजार 876 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है, जबकि दूसरे नंबर पर तहसील ढ़ीमरखेड़ा में 4235 किसानों से 29 हजार 418 मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर उपार्जित की जा चुकी है। इसी प्रकार बड़वारा तहसील में अब तक 3307 किसानों से 26 हजार 275 मीट्रिक टन धान उपार्जित की गई है। जबकि विजयराघवगढ़ तहसील में 2530 कृषकों से 21 हजार 466 मीट्रिक टन धान उपार्जित की जा चुकी है। रीठी तहसील में अब तक की स्थिति में 2278 किसानों से 22 हजार 378 मीट्रिक टन धान उपार्जित की गई है। वहीं बरही तहसील में 1812 किसानों से 17 हजार 249 मीट्रिक टन धान उपार्जित की जा चुकी है। इसके अलावा कटनी ग्रामीण एवं नगर तहसील में 1604 किसानों से 15 हजार 539 मीट्रिक टन धान तथा स्लीमनाबाद तहसील में 1541 किसानों से 14 हजार 936 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। कलेक्टर ने धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों को धान उपार्जन केन्द्रों में तिरपालए पन्नी सहित अन्य समस्त आवश्यक इंतजाम पुख्ता रखनें के निर्देश दिए है। इसके अलावा कलेक्टर ने खरीदी केन्द्र प्रभारियों और इस कार्य से संबंधित सभी अधिकारियों को दो टूक लहजे मे निर्देशित किया है कि किसानों के हित से जुड़े मामले में किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







