मंडला lकान्हा टाइगर रिज़र्व का रिवाइल्डिंग स्कूल एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण में मिसाल बना है। यहां प्रशिक्षित एक अनाथ नर बाघ को 18 जनवरी 2024 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) में सफलतापूर्वक छोड़ा गया। यह बीते 20 वर्षों में कान्हा से जंगल में छोड़ा गया 14वां प्रशिक्षित बाघ है। इस बाघ को वर्ष 2023 में पेंच टाइगर रिज़र्व के रूखड़ परिक्षेत्र से अनाथ अवस्था में रेस्क्यू किया गया था।
इसके बाद मुक्की स्थित घोरेला रिवाइल्डिंग बाड़े में इसे जंगल में स्वतंत्र जीवन के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण के दौरान बाघ को शिकार करने, खुद को सुरक्षित रखने और प्राकृतिक परिस्थितियों में जीवित रहने के सभी आवश्यक गुण सिखाए गए। वन विभाग के अनुसार, बाघ ने प्रशिक्षण के दौरान अपनी शिकार क्षमता और आत्मनिर्भरता पूरी तरह साबित की। बाघ के सफल प्रशिक्षण के बाद उसे नौरादेही में छोड़े जाने का निर्णय लिया गया। यह कदम न केवल बाघ संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि नौरादेही टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या और प्राकृतिक संतुलन को भी मजबूती देगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 से कान्हा टाइगर रिज़र्व में अनाथ बाघ शावकों के संरक्षण और पुनर्वास का कार्य किया जा रहा है। आज यह रिवाइल्डिंग स्कूल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में पहचान बना चुका है। यहां अपनाई गई कार्यप्रणाली को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक सफल मॉडल माना जा रहा है।
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