कागज़ी खेल या बजट का फेर? : 12 लाख की आंगनबाड़ी में गड़बड़ी के आरोप: निर्माण के बीच बदली ड्राइंग… वन क्षेत्र से पत्थर निकालने का भी विवाद, निर्माण कार्य पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

यशभारत डिंडोरी |बजाग विकासखंड के ठाडपाथर गांव में लगभग 12 लाख रुपए की लागत से निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन को लेकर ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार और निर्माण में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है, वहीं वन विभाग की भूमि से पत्थरों का उत्खनन कर भवन निर्माण में उपयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार निर्माण शुरू होने के समय भवन में छत के लिए चद्दर (टिन शेड) लगाए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब निर्माण के दौरान स्लैब (आरसीसी) डाला जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि बिना स्पष्ट जानकारी के निर्माण की रूपरेखा बदलना संदेह पैदा करता है।
मामले में संबंधित इंजीनियर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि ड्राइंग में तकनीकी बदलाव किया गया है। पहले चद्दर की छत प्रस्तावित थी, लेकिन संशोधित ड्राइंग के अनुसार अब आरसीसी स्लैब का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य स्वीकृत संशोधित डिजाइन के अनुरूप कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण सामग्री के लिए वन विभाग क्षेत्र से पत्थरों का उत्खनन कराया जा रहा है, जिसकी जांच की आवश्यकता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह वन एवं राजस्व नियमों के उल्लंघन का मामला हो सकता है।
इस संबंध में पंचायत सचिव से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
अब ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो यह मामला पंचायत स्तर पर निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर सकता है।
इनका कहना है…
आंगनबाड़ी निर्माण में अनियमितता की जानकारी आई है, आंगनबाड़ी में पहले टीना लगना था अब सीलिंग होना है, इसलिए कुछ ड्राइंग बदली है, जांच कर कार्यवाही करेंगे – अनुग्रह जान देवड़ा, उपयंत्री, जनपद पंचायत करंजिया






