कल इंदौर में छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, देशभर के दिग्गज कांग्रेसियों का इंदौर में जमावड़ा, डोम के भीतर रहेंगे केवल राहुल और जेन जी

इंदौर, यशभारत। मंच पर अपनी धाक जमाने और एक तरफ जलवा बिखेरने के लिए राहुल गांधी का अलग और अनूठा अंदाज अक्सर चर्चा में रहता है। युवाओं को जोड़ने और उनकी समस्या जानने के लिए वे पारंपरिक औरचारिक भाषणों से हटकर सीधे युवाओं और छात्रों से खुलकर बात करते है। कल यानी 19 तारीख को रीजनल पार्क के सामने स्थित खुले मैदान में राहुल की गूंज फिर गूंजेगी। छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है। कार्यक्रम के लिए ढाई लाख वर्ग फीट का हाईटेक वॉटरप्रूफ डोम तैयार किया गया है, जहां राहुल गांधी करीब 1 लाख से भी ज्यादा छात्र – छात्राओं से मुखातिब हो सकेंगे। कार्यक्रम के लिए देश – प्रदेश से 400 से 500 बडे नेताओंं का इंदौर पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। बड़े नेताओं को रुकवाने के लिए कांग्रेस ने शहर की चार बड़ी होटल तथा चार रिसोर्ट में व्यवस्था की है। सबसे खास बात यह है की दिल्ली से राहुल गांधी की एक टीम इस संवाद कार्यक्रम के लिए इंदौर पहुंच चुकी है। यही पूरी टीम कार्यक्रम को संभालेगी। जबकि कांग्रेसी नेता वह कार्यकर्ता डोम के बाहर की व्यवस्था देखेंगे। कांग्रेस ने 30 से 40000 लोगों के खाने की व्यवस्था भी की है। इंदौर में पिछले तीन दिनों से राजनीति माहौल गर्मी हुआ है।कल 17 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंदौर आए थे । 18 यानी आज सर संघचालक (प्रमुख) डॉ. मोहन भागवत
आज उज्जैन से इंदौर आएंगे। कल 19 को राहुल गाँधी इंदौर आएंगे।
कांग्रेस ने तैयार किया हाईटेक वाटरप्रूफ डोम
छात्रों की गूंज’ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी छात्र संवाद अभियान है। यह अभियान Gen-Z और युवा छात्रों के बीच शिक्षा, रोजगार, महंगी शिक्षा, प्रश्नपत्र (पेपर) लीक, और सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर सीधा संवाद करने के लिए है। राहुल अभी तक चार शहरों में अपना कार्यक्रम दे चुके हैं, जिसमें हजारों छात्रों और युवाओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया है। अपना पांचवा कार्यक्रम पेश करने के लिए राहुल गांधी 19 तारीख को ईंदौर आ रहे है। इस कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने हाईटेक वॉटरप्रूफ डोम तैयार किया है। कांग्रेस के मुताबिक डोम में करीब एक लाख छात्रों के बैठने की क्षमता होगी। बताया गया है की कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी की सारी तैयारियां अंतिम चरणों में पहुंच गई है। दिल्ली से आई राहुल गांधी की विशेष टीम ने स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर रूपरेखा तैयार की है।
कांग्रेसियों का इंदौर में जमघट,दिल्ली से कई बड़े नेता पहुंचे
राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए देश प्रदेश के कांग्रेसियों का जमघट लग गया है। स्थानीय नेता और कार्यकर्ता अपने नेताओं का आओ भगत कर रहे हैं। राहुल के मंच की पूर्व रूपरेखा भी तैयार हो चुकी है। जिस तरह से कोटा, देहरादून, पूणे और प्रयागराज में कार्यक्रम हुए है इंदौर में भी वैसा ही कार्यक्रम होगा। मंच पर सिर्फ राहुल गांधी होंगे और सामने युवा रहेंगे, जो शिक्षा की बदहाल व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी, और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लगभग 50 मुद्दों पर सीधी बात करेंगे। मंच पर राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस का कोई भी पदाधिकारी मौजूद नहीं रहेंगा। यह कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे चलेगा।
बड़े नेताओं के लिए चार बड़ी होटले और कई रिसोर्ट किए बुक
स्थानीय कांग्रेस के मुताबिक इस कार्यक्रम के लिए बाहर से आने वाले नेताओं की पार्टी कड़ा इंतजाम किया है। नेताओं को ठहरने के लिए सयाजी होटल, रेडिसन होटल, मैरियट होटल और मशाल होटल में व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार चार रिसोर्ट कुल लगभग 600 बुक किए गए है। इसी तरह कांग्रेस ने 30 से 35000 लोगों के लिए भोजन व्यवस्था भी रखी है। दिल्ली समेत प्रदेश के अन्य शहरों से बड़े नेताओं के यहाँ आने का सिलसिला बीती रात से ही प्रारंभ हो चुका था। इंदौर में कांग्रेसियों का मेला लग चुका है।
राहुल की दिल्ली से आई विशेष टीम क्या करती है
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राष्ट्रव्यापी छात्र संपर्क अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के तहत दिल्ली से आई विशेष टीम मुख्य रूप से कार्यक्रमों की जमीनी तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, लेआउट मैनेजमेंट और छात्रों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने का काम करती है। जब भी किसी शहर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित होता है, तो दिल्ली से आई राहुल गांधी की टीम वहां पहुंचकर विशेष कार्य संभालती है। यह टीम कार्यक्रम स्थल पर विशाल डोम, स्टेज (मंच), मैदान के लेआउट और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से निगरानी करती है। स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय: टीम के प्रमुख सदस्य स्थानीय कांग्रेस नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारियों के साथ बैठकें करते हैं। वे कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते हैं और प्रचार-प्रसार व भीड़ जुटाने की रणनीतियों को अंतिम रूप देते हैं। 







