कटनी-बीना थर्ड लाइन में सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे सीआरएस, अब हरी झंडी का इंतजार, जल्द शुरू होगा टे्रनों और मालगाडिय़ों का परिचालन

कटनी, यशभारत। कटनी-शहडोल रेलमार्ग पर तीसरी लाइन से गाडिय़ों का आवागमन शुरू होने के बाद अब कटनी बीना रेलखंड में भी थर्ड लाइन पर ट्रेनें दौडऩे लगेंगी। इसके लिए मध्य वृत्त के रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग द्वारा कटनी मुड़वारा से दमोह, सागर होते हुए बीना तक तीसरी लाइन का निरीक्षण करते हुए रेलवे ट्रेक का जायजा लिया जा रहा है, इसके पहले रेल संरक्षा आयुक्त आज सुबह रेवांचल एक्सपे्रस से कटनी पहुंचे और यहां रूकने के बाद सीआरएस स्पेशल टे्रन से दमोह के लिए रवाना हुए। उनके साथ जबलपुर डीआरएम सहित अन्य रेलवे के अधिकारी भी हैं। विदित हो कि रेलवे द्वारा कटनी से शहडोल होते हुए बिलासपुर तक तीसरी लाइन का निर्माण कराया गया है, जो कि लगभग पूर्ण हो चुका है। अब कटनी से शहडोल के बीच तीसरी लाइन से मालगाडिय़ों का आवागमन भी शुरू हो चुकी है।
ब्रिज, कर्व, प्वाइंट सहित अन्य सुरक्षा मानकों की जांच
बताया जाता है कि सीआरएस द्वारा कटनी से बीना के बीच तीसरी लाइन में बने ब्रिज, कर्व, प्वाइंट सहित अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है और सीआरएस स्पेशल ट्रेन चलाकर नई लाइन की जांच की जा रही है। सीआरएस की हरी झंडी मिलते ही इस लाइन पर ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। बताया जाता है कि सीआरएस आज शाम को कटनी वापस लौटेंगे और कल बुधवार की सुबह एक बार फिर निरीक्षण करते हुए तीसरी लाइन की गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों की जांच करेंगे। जानकारी के अनुसार कोयला परिवहन और यात्रियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए कटनी-बीना तीसरी लाइन का निर्माण कार्य कराया गया है। कटनी से घटेरा तक तीसरी लाइन मालगाडि़य़ों के लिए इसी साल शुरू कर दी गई थी। इसके बाद बांदकपुर से दमोह भी शुरू हुई। वर्तमान में पथरिया-असलाना के बीच 14 किलोमीटर व बांदकपुर-घटेरा 11 किलोमीटर का शेष कार्य भी पूरा हो चुका है। रेल संरक्षा आयुक्त मध्य वृत सीआरएस इस 25 किलोमीटर की लाइन का जायजा लेने कटनी पहुंचे हैं। बताया जाता है कि कटनी से बीना तक करीब 263 किलोमीटर लंबे इस रूट में थर्ड लाइन का कार्य पूरा हो चुका है।
70 ट्रेनें और 100 मालगाडिय़ों का परिचालन
बताया जाता है कि कटनी-बीना रेलवे लाइन पर रोजाना 70 से अधिक यात्री ट्रेनें और करीब 100 मालगाडिय़ों का परिचालन होता हैं। ऐेसे में दोहरी लाइन पर ट्रैफिक अधिक होने से ट्रेनों को घंटों आउटर में खड़े रखने की मजबूरी है। रोजाना कटनी, दमोह, सागर, बीना स्टेशन से 25 हजार से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में इन्हें परेशान होना पड़ रहा है। तीसरी लाइन के बनने के बाद जनता को लाभ मिलेगा और यात्री ट्रेनों को क्लीयर रास्ता मिलेगा। इसके अलावा ट्रेनों की रफ्तार भी इस रूट में बढ़ जाएगी। मालगाड़ी भी सरपट दौडऩे लगेगी।
इस रूट पर सबसे ज्यादा राजस्व
कटनी-बीना रेलखंड पश्चिम मध्य रेलवे का महत्वपूर्ण रूट है। इस मार्ग से बड़े-बड़े पावर हाऊस के लिए कोयला उपलब्ध कराया जाता है। इसी रूट पर एक दिन में 50 से अधिक मालगाडिय़ां निकलती हैं। रेलवे को कोयला ढुलाई से सबसे अधिक मालभाड़ा इसी रूट से मिलता है। तीसरी लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात सुगम हो जाएगा। थर्ड लाइन का कार्य पूरा हो जाने से अब इस रूट की व्यस्तता में राहत मिलेगी, साथ ही माल एवं यात्री यातायात का संचालन और भी तेज और सुगम हो सकेगा। रेलवे को भी ज्यादा राजस्व मिलेगा।
एक नजर इधर भी
1. तीसरी लाइन प्रोजेक्ट से कटनी-बीना रेलवे रूट में एक दर्जन से अधिक रेलवे स्टेशन नए सिरे से बनाए गए।
2. 12 बड़े, 26 मध्यम और 278 छोटे पुल बनाए गए हैं।
3. करीब 3 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट
4. तीसरी रेलवे लाइन से 30 रेलवे स्टेशन कनेक्ट होंगे।
5. सभी रेलवे स्टेशन के एनआई होंगे ऑटोमेटिक, मेन्युअल सिस्टम होगा बंद।







