एनएसएस के छात्र- छात्राएं प्रशिक्षित होकर बेहतर समाज के साथ बेहतर राष्ट्र के नवनिर्माण में अपनी भूमिका निभाएं : शैलेन्द्र जैन
शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना छात्र एवं छात्र इकाई के संयुक्त 7 दिवसीय शिविर का हुआ समापन

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय सागर की राष्ट्रीय सेवा योजना छात्र एवं छात्रा इकाई के संयुक्त इकाई विशेष शिविर का समापन विधायक शैलेन्द्र जैन द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी व जनभागीदारी समिति अध्यक्ष नितिन बंटी शर्मा उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जीएस रोहित की अध्यक्षता में आयोजित समापन कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग की ओएसडी डॉ भावना यादव, एनएसएस जिला संगठक डॉ संगीता मुखर्जी व मकरोनिया प्राचार्य डॉ एसी जैन की विशेष उपस्थिति रही।
07 से 13 फरवरी तक ग्राम कनेरदेव की प्राथमिक शाला में चले सात दिवसीय शिविर के समापन कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन किया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभिलाषा जैन व डॉ अमर कुमार जैन ने किया। कार्यक्रम में पधारे अतिथीयों व कैंप के सभी सहयोगियों के प्रति छात्र इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ दीपक जॉनसन ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी डॉ इमराना सिद्दीकी, डॉ प्रतिभा जैन, डॉ संदीप सबलोक, डॉ जयनारायण यादव, डॉ अंकुर गौतम, डॉ संदीप तिवारी, डॉ सुनील प्रजापति, प्रतीक्षा जैन, रविन्द्र सिंह, डॉ शैलेन्द्र राजपूत, प्रयोगशाला सहायक कीर्ति रैकवार, निज़ाम लोधी आदि की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के कैंप का मूल उद्देश्य होता है कि इसमें भाग लेने वाले छात्र छात्राएं अपने आसपास के वातावरण, ग्रामीण लोगों की जीवन व जीवन की शैली तथा जीवन में आने वाली कठिनाइयों को जान सके तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने तथा कठिनाइयों के निराकरण में उनकी मदद कर सकें। उन्होंने शिविर में भाग ले रहे छात्र-छात्राओं से एनएसएस के माध्यम से प्रशिक्षित होकर बेहतर समाज के साथ बेहतर राष्ट्र के नवनिर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आवाहन किया। इस दौरान उन्होंने कैंप में सराहनी ए कार्य करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
प्राचार्य डॉ जीएस रोहित ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि शिविर का मूल उद्देश्य एक दूसरे को जानने के साथ ही ग्रामीण परिवेश से जुड़ने और सीखने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान स्वच्छता, स्वास्थ्य, जल व पर्यावरण संरक्षण आदि विभिन्न तरह के प्रशिक्षणों की प्राप्त जानकारी को समाज में अधिक से अधिक प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ इस तरह की गतिविधियों से व्यक्तित्व का निर्माण तथा आत्मविश्वास बढ़ता है। इसलिए इस तरह की गतिविधियों में निरंतर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम को उच्च शिक्षा विभाग की ओ डॉ भावना यादव व मकरोनिया महाविद्यालय प्राचार्य डॉ एसी जैन ने भी संबोधित किया।
समापन कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों के स्वागत के बाद छात्रा इकाई अधिकारी डॉ अभिलाषा जैन ने 7 दिवसीय कैंप का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कैंप में 50- 50 छात्र- छात्राओं ने हिस्सा लिया। कैंप गतिविधियों के तहत प्रतिदिन प्रातः चर्या में प्रार्थना सभा व योगक्रिया संपन्न कराई गई। इस दौरान अलग अलग दिवसों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिए ग्राम में सफाई कर सोखता गड्ढे बनवाए तथा श्रमदान किया गया। इसके साथ ही जिला अस्पताल के सहयोग से सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन शिविर स्थल पर किया गया। शिविर में मानसिक तनाव उत्पन्न होने के कारण और स्वस्थ जीवन जीने के उपाय बताए गए। शिविरार्थियों ने गांव में सरकारी योजना के प्रभाव को जानने के लिए सर्वे कार्य किया और उसके पश्चात स्वच्छता जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर ग्राम वासियों को स्वच्छता के महत्व को भी बताया। बौद्धिक सत्र के दौरान बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉ अनुपम बोहरे ने विद्यार्थियों को AIDS के कारण, लक्षण, एड्स से बचने के उपाय और AIDS ग्रसित मरीज को उपचार बताए। शिविर में राष्ट्रीय सेवा योजना जिला संगठक डॉ संगीता मुखर्जी, डॉ रंजना मिश्रा वरिष्ठ प्राध्यापक हिंदी साहित्य, डॉ प्रतिभा जैन प्राध्यापक राजनीति विज्ञान ने भी विद्यार्थियों का विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन किया।
समापन कार्यक्रम के दौरान शिविर में शामिल रहे छात्र छात्राओं ने नृत्य, गीत व संगीत की जोरदार प्रस्तुतियां देकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ जमकर सराहना बटोरी। इस दौरान छात्र छात्राओं ने शिविर के अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अपनी जीवनचर्या का टर्निग प्वाइंट बताया और महाविद्यालय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।







