कटनीमध्य प्रदेश

एक-एक कर उजागर हो रहे आजीविका मिशन के फर्जाबाड़े फर्जी स्व-सहायता समूह बनाकर किया राशि का गबन महिलाओं ने पुलिस से की गबन की शिकायत

 

 

 

पन्ना, यशभारत। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्नमूलन एवं महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए कार्य करने वाले आजीविका मिशन जिसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम के रूप में भी जाना जाता है। पन्ना जिले भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है। ग्रामीण अंचल में निवासरत निर्धन परिवारों की महिलाओं को स्व.सहायता समूहों के माध्यम से संगठित करते हुए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के नाम पर यहां बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है, जिसकी परतें अब लगातार खुल रही हैं। ऐसा ही एक मामला जिले के पवई विकासखंड अंतर्गत उजागर हुआ है। जहां ग्रामीण महिलाओं के नाम पर कथित रूप से जाली दस्तावेजों के आधार पर स्व-सहायता समूह गठित करके राशि का गबन किया गया। जिला पंचायत सदस्य रामकुमार चौधरी द्वारा इस फर्जीवाड़े का सप्रमाण खुलासा करने के बाद क्षेत्र की महिलाओं को जब यह भनक लगी कि उनके नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है तो वे दंग रह गईं। प्रभावित महिलाओं ने इस मामले में दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध पुलिस चौकी मोहन्द्रा में लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत कर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की पुरजोर मांग की है।

महिलाओं को पता नहीं उनके नाम पर समूह बन गया

पन्ना जिले में आजीविका मिशन के अधिकारी-कर्मचारियों के काले कारनामे पिछले कुछ समय से स्थानीय मीडिया की सुर्खियों में बने हैं। महिलाओं की आजीविका-आर्थिक सशक्तिकरण के नाम पर मिशन के कतिपय कमीशनखोर अधिकारी कागजी उपलब्धियों के जरिए अपनी तिजोरी का वजन बनाने में जुटे हैं। बीते दिवस जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 के सदस्य रामकुमार चौधरी ने अतरहाई गांव की महिलाओं के नाम पर गठित संदिग्ध स्व.सहायता समूहों का खुलासा किया तो हडक़ंप मच गया। उन्होंने ने सप्रमाण आरोप लगाया किए जिले में बड़ी संख्या में महिलाओं की जानकारी के बगैर उनके जाली दस्तावेजों के आधार पर समूह गठित करके बैंक खाते खुलवाए गए ताकि उनमें अंतरित की जाने वाली चक्रीय निधि रिवाल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि सीआईएफ सहित अन्य राशियां आहरित करके डकारी जा सके। जिला पंचायत सदस्य रामकुमार ने उदहारण के तौर पर पवई विकासखंड के ग्राम अतरहाई में गठित फर्जी समूहों का खुलासा किया।

पन्ना कलेक्टर से शिकायत

पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार से लिखित शिकायत कर एनआरएलएम की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग भी गई। जिला पंचायत सदस्य के खुलासे पर अतरहाई गांव की महिलाओं को अपने नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का जब पता चला तो उनका हैरान.परेशान होना स्वाभाविक था। दरअसल खुलासे के पूर्व महिलाओं को यह पता ही नहीं था कि उनके नाम पर समूह गठित है और बैंक में बकायदा उसका खाता भी संचालित हो रहा है।

दोषियों पर दर्ज हो आपराधिक प्रकरण

अतरहाई गावं की महिलाओं ने सिमरिया थाना की मोहन्द्रा पुलिस चौकी पहुंचकर फर्जी स्व-सहायता समूह मामले में चौकी प्रभारी को लिखित शिकायती आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है। फरियादिया बड़ी बहू चौधरी पति रतुवा चौधरी निवासी ग्राम पंचायत अतरहाई ने बताया कि मुझे पता चला है कि मेरी स्वीकृति के बगैर मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एसआरएलएम द्वारा गगन समूह का गठन करके मध्यांचल ग्रामीण बैंक मोहंद्रा में बैंक खाता खोला गया। जबकि मेरे द्वारा समूह में शामिल होने के लिए कभी किसी तरह का आवेदन या सहमति नहीं दी गई और मुझे किसी तरह की कोई राशि भी नहीं मिली। जिला पंचायत सदस्य रामकुमार चौधरी की न्यूज को सुनने पर मुझे अपने नाम पर चल रहे फर्जी समूह तथा बैंक खाते का पता चला है। आवेदन पत्र में बड़ी बहू ने लेख किया है कि कथित फर्जी समूह का नाम गगन स्व.सहायता समूह है। जिसका गठन दिनांक 1 अक्टूबर 2022 को किया गया। मध्यांचल ग्रामीण बैंक मप्र ग्रामीण बैंक शाखा मोहन्द्रा में 15 अक्टूबर 2022 को समूह का खाता खोला गया। फर्जी समूह की आईडी एमपी 427637 और सदस्य कोड एमपी 5299687 है। महिलाओं ने फर्जीवाड़े में लिप्त अधिकारी.कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर सख्त सजा दिलाए जाने की मांग की है। चौकी प्रभारी ने शासकीय योजना में भ्रष्टाचारए जालसाजी एवं शासकीय राशि के गबन से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए आवेदन पत्र की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

इनका कहना है

महिलाओं से प्राप्त आवेदन पत्र की जांच चल रही हैए संबंधितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं साथ ही मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक से समूह के लेनदेन का विवरण मांगा है। बैंक का विवरण और आजीविका मिशन से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

-स्मिता सिंह बघेल, चौकी प्रभारी, मोहन्द्रा

 

पन्ना, यशभारत। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्नमूलन एवं महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए कार्य करने वाले आजीविका मिशन जिसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम के रूप में भी जाना जाता है। पन्ना जिले भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुका है। ग्रामीण अंचल में निवासरत निर्धन परिवारों की महिलाओं को स्व.सहायता समूहों के माध्यम से संगठित करते हुए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के नाम पर यहां बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है, जिसकी परतें अब लगातार खुल रही हैं। ऐसा ही एक मामला जिले के पवई विकासखंड अंतर्गत उजागर हुआ है। जहां ग्रामीण महिलाओं के नाम पर कथित रूप से जाली दस्तावेजों के आधार पर स्व-सहायता समूह गठित करके राशि का गबन किया गया। जिला पंचायत सदस्य रामकुमार चौधरी द्वारा इस फर्जीवाड़े का सप्रमाण खुलासा करने के बाद क्षेत्र की महिलाओं को जब यह भनक लगी कि उनके नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है तो वे दंग रह गईं। प्रभावित महिलाओं ने इस मामले में दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध पुलिस चौकी मोहन्द्रा में लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत कर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की पुरजोर मांग की है।
महिलाओं को पता नहीं उनके नाम पर समूह बन गया
पन्ना जिले में आजीविका मिशन के अधिकारी-कर्मचारियों के काले कारनामे पिछले कुछ समय से स्थानीय मीडिया की सुर्खियों में बने हैं। महिलाओं की आजीविका-आर्थिक सशक्तिकरण के नाम पर मिशन के कतिपय कमीशनखोर अधिकारी कागजी उपलब्धियों के जरिए अपनी तिजोरी का वजन बनाने में जुटे हैं। बीते दिवस जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 के सदस्य रामकुमार चौधरी ने अतरहाई गांव की महिलाओं के नाम पर गठित संदिग्ध स्व.सहायता समूहों का खुलासा किया तो हडक़ंप मच गया। उन्होंने ने सप्रमाण आरोप लगाया किए जिले में बड़ी संख्या में महिलाओं की जानकारी के बगैर उनके जाली दस्तावेजों के आधार पर समूह गठित करके बैंक खाते खुलवाए गए ताकि उनमें अंतरित की जाने वाली चक्रीय निधि रिवाल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि सीआईएफ सहित अन्य राशियां आहरित करके डकारी जा सके। जिला पंचायत सदस्य रामकुमार ने उदहारण के तौर पर पवई विकासखंड के ग्राम अतरहाई में गठित फर्जी समूहों का खुलासा किया।
पन्ना कलेक्टर से शिकायत
पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार से लिखित शिकायत कर एनआरएलएम की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग भी गई। जिला पंचायत सदस्य के खुलासे पर अतरहाई गांव की महिलाओं को अपने नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का जब पता चला तो उनका हैरान.परेशान होना स्वाभाविक था। दरअसल खुलासे के पूर्व महिलाओं को यह पता ही नहीं था कि उनके नाम पर समूह गठित है और बैंक में बकायदा उसका खाता भी संचालित हो रहा है।
दोषियों पर दर्ज हो आपराधिक प्रकरण
अतरहाई गावं की महिलाओं ने सिमरिया थाना की मोहन्द्रा पुलिस चौकी पहुंचकर फर्जी स्व-सहायता समूह मामले में चौकी प्रभारी को लिखित शिकायती आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है। फरियादिया बड़ी बहू चौधरी पति रतुवा चौधरी निवासी ग्राम पंचायत अतरहाई ने बताया कि मुझे पता चला है कि मेरी स्वीकृति के बगैर मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एसआरएलएम द्वारा गगन समूह का गठन करके मध्यांचल ग्रामीण बैंक मोहंद्रा में बैंक खाता खोला गया। जबकि मेरे द्वारा समूह में शामिल होने के लिए कभी किसी तरह का आवेदन या सहमति नहीं दी गई और मुझे किसी तरह की कोई राशि भी नहीं मिली। जिला पंचायत सदस्य रामकुमार चौधरी की न्यूज को सुनने पर मुझे अपने नाम पर चल रहे फर्जी समूह तथा बैंक खाते का पता चला है। आवेदन पत्र में बड़ी बहू ने लेख किया है कि कथित फर्जी समूह का नाम गगन स्व.सहायता समूह है। जिसका गठन दिनांक 1 अक्टूबर 2022 को किया गया। मध्यांचल ग्रामीण बैंक मप्र ग्रामीण बैंक शाखा मोहन्द्रा में 15 अक्टूबर 2022 को समूह का खाता खोला गया। फर्जी समूह की आईडी एमपी 427637 और सदस्य कोड एमपी 5299687 है। महिलाओं ने फर्जीवाड़े में लिप्त अधिकारी.कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर सख्त सजा दिलाए जाने की मांग की है। चौकी प्रभारी ने शासकीय योजना में भ्रष्टाचारए जालसाजी एवं शासकीय राशि के गबन से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए आवेदन पत्र की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
इनका कहना है
महिलाओं से प्राप्त आवेदन पत्र की जांच चल रही हैए संबंधितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं साथ ही मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक से समूह के लेनदेन का विवरण मांगा है। बैंक का विवरण और आजीविका मिशन से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
-स्मिता सिंह बघेल, चौकी प्रभारी, मोहन्द्रा

IMG 20250729 151423

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button