सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत बीते दिवस हुए युवक की हत्या के मामले का आज पुलिस अधीक्षक ने खुलासा किया है।
पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने बताया कि 18 दिसंबर को सुबह मुंगवानी रोड सिवनी में निर्माणाधीन मकान में किसी व्यक्ति का शव मिला था,मृतक की पहचान पंकज ठाकुर निवासी महाराज बाग सिवनी के रूप मे हुई थी।पोस्टमार्टम रिपोट अवलोकन एवं परिजनों के कथनों के आधार पर पाया गया कि युवक की हत्या रस्सी से गला घोंटकर गयी थी।राहुल ठाकुर निवासी ग्राम गाडरवाडा को मृतक के साथ आखरी बार देखा गया था।जो फरार था,जिसे आज गिरफ्तार किया गया जिसके साथ उसका एक साथी कमलेश बंदेवार भी हत्या में शामिल था,जिसे भी गिरफ्तार किया गया।
ये है घटना:-घटना के संबंध में राहुल ठाकुर एवं कमलेश बंदेवार से सख्ती से पूछताछ करने पर उनके द्वारा स्वीकार करते हुए बताया गया कि दोनों मोबाईल एप के माध्यम से क्रिकेट मैच में सट्टा लगाने के आदी है। राहुल ठाकुर और पंकज ठाकुर एक दूसरे को बचपन से जानते थे। घटना के एक दिन पहले दोनों आरोपियों ने सट्टा खेलने के लिये कमलेश बंदेवार की चांदी की चैन मृतक पंकज ठाकुर के पास रखकर 1,500 रूपये उधार लिये थे जो दोनों आरोपियों ने उन रूपयों का मोबाईल में क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाकर हार गये एवं पंकज ठाकुर को वापिस नहीं किये साथ ही अगले दिन फिर मृतक एवं दोनों आरोपी फुटबॉल स्टेडियम सिवनी के पास मिले जहाँ फिर से कनलेश बंदेवार एवं राहुल ठाकुर ने क्रिकेट में सट्टा लगाने के लिये मृतक से 2,500 रूपये मांगे और पंकज को आश्वासन दिया की मैच के बाद रूपये जीतकर पंकज को 3,000 रूपये वापिस करेंगे और उसे शराब भी पिलायेंगे। पंकज ने कमलेश बंदेवार को फोन पे के माध्यम से 1,700 रूपये ट्रांसफर किये और शराब के लिये 800 रूपये नगद दिये।
शराब लेने के बाद तीनों एडवोकेट राज गोस्वामी के मुंगवानी रोड स्थित निर्माणाधीन भवन में बैठकर शराब पिये। शराब पीने के बाद जब पंकज ठाकुर ने अपने कुल 4,500 रूपये राहुल ठाकुर एवं कमलेश बंदेवार से वापिस मांगे तो दोनों ने रूपये देने से मना कर दिया। जिस बात को लेकर पंकज ठाकुर ने बोला कि दोनों की शिकायत कर कोर्ट कचहरी करवाउंगा। तो राहुल ठाकुर एवं कमलेश बंदेवार ने आवेश में आकर रस्सी से गला घोंटकर पंकज ठाकुर की हत्या कारित कर दी एवं पंकज ठाकुर की हत्या करने के पश्चात दोनों के द्वारा पंकज ठाकुर की पहनी हुई सोने की अंगूठी एवं उसके जेब में रखे 4,500 रूपये निकालना भी स्वीकार किया गया है। जिस आधार पर प्रकरण में धारा 315, 3(5) बी.एन.एस. बढाई गयी है।
दोनों आरोपियों से सोने की अंगूठी एवं मृतक के पास से निकाले गये रूपयों को बरामद किया गया।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली सतीश तिवारी,उपनिरीक्षक दयाराम शरणागत,राहुल काकोडिया,नीरज दुबे,सहायक उपनिरीक्षक जसवंत ठाकुर,संतोष बेन,देवेन्द्र जैसवाल,प्रधान आरक्षक मुकेश, आरक्षक सतीश,सिध्दार्थ, दिलीप,प्रतीक,विनय,महेन्द्र,संतोष, लोकेश, विश्राम, रविन्द्र, रत्नेश,राजेन्द्र, प्रदीप,अंकित, इरफान के साथ थाना प्रभारी परासिया छिंदवाडा एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहा।