ईडब्ल्यूएस अभ्यार्थी को भी ओबीसी एससी एसटी की तरह पसंद के पद पर दी जाए नियुक्ति : हाई कोर्ट

जबलपुर सागर जिला के निवासी अमन दुबे ईडब्ल्यूएस कैटेगरी से प्राथमिक शिक्षक की पात्रता परीक्षा में 116 अंक अर्जित कर सामूहिक मेरिट सूची में क्रमांक 1388 तथा ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 200 मैं सूचीबद्ध किए गए याचिकाकर्ता द्वारा सागर जिले के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शालाओं में अपनी चॉइस फिलिंग दाखिल की गई थी लेकिन उनकी नियुक्ति ट्राइबल विभाग द्वारा संचालित शालाओं में जिला मंडला में की गई l याचिकाकर्ता अमन दुबे द्वारा अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई याचिका क्रमांक wp 8780/2023 उक्त याचिका की सुनवाई आज दिनांक 19 अप्रैल 2023 को जस्टिस संजय द्विवेदी की खंडपीठ द्वारा की गई अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर द्वारा कोर्ट को बताया गया कि याचिका में प्रमुख आधार यह है कि याचिकाकर्ता से काफी कम अंक प्राप्त अभ्यार्थियों को उनकी ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में सागर जिला में पदस्थापना की गई है ! जबकि याचिकाकर्ता को अनारक्षित वर्ग में ट्राइबल विभाग द्वारा संचालित शाला जिला मंडला में पदस्थापना दी गई है अर्थात विभाग का उपरोक्त कृत्य सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ सहित कई प्रकरणों में मार्गदर्शी सिद्धांत प्रतिपादित किए गए हैं, कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी ने यदि अनारक्षित के बराबर अंक हासिल किए हैं तो उसे उसकी पहली पसंद के आधार पर पदस्थापना दी जाऐगी तथा सुप्रीम कोर्ट का यह सिद्धांत आरक्षित वर्ग के अंतर्गत आने वाली ओबीसी एससी एसटी एवं ईडब्ल्यूएस पर समान रूप से लागू होता है ! अधिवक्ता के उपरोक्त तर्कों से सहमत होते हुए हाई कोर्ट द्वारा कमिश्नर लोक शिक्षण संचनालय भोपाल को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में याचिकाकर्ता की 30 दिवस के अंदर ट्राइबल विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में उसकी पहली पसंद के आधार पर जिला सागर में पदस्थापना करने का समुचित आदेश पारित किया जाए ! याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं राम भजन लोधी द्वारा की गई !







