यश भारत सिवनी:-चैत्र नवरात्रि पर्व के दौरान जिलेभर में भक्ति और आस्था का अनूठा माहौल देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु विभिन्न प्रकार से माता रानी की आराधना में लीन हैं। कहीं भक्त उपवास रख रहे हैं तो कहीं नौ दिनों का मौन व्रत धारण कर मां भगवती की उपासना की जा रही है। इसी कड़ी में सिवनी जिले के धनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पिपरिया नाई में आस्था का एक अद्भुत और भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया है, जिसने सभी को श्रद्धा से भर दिया है।
ग्राम पिपरिया नाई में एक महिला भक्त ने नवरात्रि के पहले दिन से ही कठोर साधना का मार्ग अपनाया है। महिला जमीन पर लेटकर अपने शरीर पर जवारे (जौ) रखकर माता की आराधना कर रही है। इतना ही नहीं, उनके समीप एक अखंड ज्योति कलश भी लगातार प्रज्वलित है, जो उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बन गया है। नौ दिनों तक चलने वाली इस तपस्या को देखने और महिला के दर्शन करने के लिए आसपास के गांवों सहित पूरे जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, यह साधना अत्यंत कठिन होती है और इसे केवल दृढ़ विश्वास और आत्मबल के साथ ही निभाया जा सकता है। महिला की इस भक्ति को लोग माता रानी की विशेष कृपा का परिणाम मान रहे हैं। श्रद्धालु वहां पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और माता से अपने-अपने मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 28 मार्च को विधि-विधान के साथ जवारे और ज्योति कलश का विसर्जन किया जाएगा। इस दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पिपरिया नाई में देखने को मिल रही यह अनूठी आस्था न केवल धार्मिक भावनाओं को प्रबल कर रही है, बल्कि लोगों के बीच भक्ति और विश्वास की मिसाल भी पेश कर रही है।