आरोपी अंशुल ने अब तक नहीं खोला सोने का राज, रिमांड का तीसरा दिन, आज भी सराफा कारोबारियों ने आधे दिन बंद रखा बाजार, बढ़ रहा असंतोष



कटनी। सराफा में कमीशन एजेंट का काम करने वाला आरोपी अंशुल सोनी दो दिनों से रिमांड पर है। कोतवाली पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है लेकिन अब तक न तो सोना बरामद हुआ और न ही उसने कुछ बताया। धोखाधड़ी के शिकार लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, क्योंकि आरोपी पकड़े जाने के बाद भी अपना सोना मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही। खबर है कि व्यापारियों पर अब दबाव बनाया जा रहा कि वे 40 प्रतिशत में समझौता कर लें। इसको लेकर आज फिर सराफा कारोबारियों ने आधे दिन सराफा बाजार बंद रखा। श्रीराम ज्वेलर्स के संचालक आशीष सोनी ने बताया कि ठगी के शिकार लोगों को न्याय दिलाने का संघर्ष जारी रहेगा। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
आरोपी अंशुल की रिमांड लेने के बाद उससे कोतवाली पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। अंशुल ने किसी भी प्रकार के राज नहीं खोले है।अंशुल पर सराफा कारोबारियों व कारीगरों ने 4 किलोग्राम से अधिक सोना लेकर फरार होने का आरोप लगाया था। 4 दिन पहले पुलिस ने आरोपी को रीवा से गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अबतक पुलिस के हाथ खाली हैं। अबतक किसी भी प्रकार की बरामदगी पुलिस नहीं कर पाई है, जिससे लोग परेशान है। जानकारी के अनुसार सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष का पुत्र अंशुल सोनी 30 जुलाई से लापता था। परिजनों ने कोतवाली थाने में।गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 31 जुलाई के बाद सराफा कारोबारी व कारीगरों में हड़कंप मचना शुरू हो गया था। 15 से अधिक लोगों ने यह आरोप लगाया है व शिकायत थी कि अंशुल सोनी कटनी, जबलपुर, सतना।आदि के सराफा कारोबारियों का लगभग 4 किलोग्राम सोना व नकद रुपए लेकर रफूचक्कर हो गया था। दबाव में पुलिस ने बाद में एफआइआर दर्ज की और शनिवार को आरोपी अंशुल को रीवा से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी अंशुल सोनी लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है। वह कहता है कि मेरे पास कोई सामान नहीं है। न तो जेवर हैं और न ही गला हुआ सोना। नकद रुपए भी नहीं हैं। वह सिर्फ यह कह रहा कि उसे सोना में घाटा लग गया है। पुलिस को अंशुल से पूछताछ में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। पुलिस सिर्फ यही कह रही है कि बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
कारीगर चिंतित
पुलिस द्वारा सोना व जेवरात बरामदगी में अबतक खाली हाथ होने के कारण सराफा कारीगरों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जब उन्होंने उसे सोना दिया है तो फिर गया कहां। समस्या यह हो रही है कि कई कारीगरों व कारोबारियों के पास पक्के बिल आदि नहीं हैं। यहां पर अधिकांश कारोबार कच्चा लिखा-पढ़ी में चल रहा है, जिसके चलते खोया हुआ सोना पाने की आस में कारीगरों को निराशा हाथ लग रही है। कारीगरों का कहना कि पुलिस आरोपी व उससे जुड़े लोगों के साथ सख्ती से पूछताछ करे। इस संबंध में बातचीत करते हुए कोतवाली थाना प्रभारी अजय बहादुर सिंह ने कहा की आरोपी अंशुल से लगातार पूछताछ की जा रही है। वह कोई जानकारी नहीं दे रहा। सिर्फ कहता है कि सोना गलाने में उसे घाटा लग गया है। सोना कहां गया, किसको दिया कुछ भी नहीं बता रहा है।








