सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ शहर के खेल परिसर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा आयोजित मैराथन प्रतियोगिता रविवार को विवादों और हंगामे की भेंट चढ़ गई। प्रतियोगिता में शामिल हुए सैकड़ों खिलाड़ियों ने आयोजकों पर धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। विजेताओं को उनके हक का पुरस्कार देने के बजाय आयोजक मौके से नदारद हो गए, जिससे नाराज खिलाड़ियों ने स्टेट बैंक तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। अब इस मामले में जिला प्रशासन और कलेक्टर से दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग उठाई गई है।
पुरस्कार लेकर गायब हुए आयोजक, बाउंड्री पर चढ़ा खिलाड़ी
मैराथन समाप्त होने के बाद जब पुरस्कार वितरण का समय आया, तब अव्यवस्था का आलम यह था कि मुख्य आयोजक डॉ. तल्हा साद मेडल और पुरस्कार राशि लेकर मौके से गायब हो गए। घंटों इंतजार के बाद जब विजेताओं को सम्मान नहीं मिला, तो खिलाड़ियों का सब्र टूट गया। एक खिलाड़ी विरोध स्वरूप खेल परिसर की बाउंड्री वॉल पर चढ़ गया और मेडल न मिलने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया। खिलाड़ियों का आरोप है कि उन्हें आयोजन के नाम पर केवल छला गया है।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मंगाए गए मेडल, नहीं दी नगद राशि
सड़क पर खिलाड़ियों के बैठने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिसके बाद गोपालगंज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। पुलिस के सख्त रुख और आयोजकों से संपर्क साधने के बाद मेडल वापस मंगाए गए लेकिन घोषित की गई नगद राशि नहीं मिल सकी। पुलिस की मौजूदगी में मेडल वितरित होने के बाद ही खिलाड़ियों ने जाम खोला। खिलाड़ियों ने दोटूक कहा कि यह केवल मेडल की बात नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के पसीने और मेहनत का अपमान है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर से आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग
इस घटनाक्रम के बाद खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि आईएमए जैसे प्रतिष्ठित संगठन द्वारा इस तरह की धोखाधड़ी अक्षम्य है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि आयोजन के नाम पर खिलाड़ियों के साथ हुई इस जालसाजी के लिए आयोजकों के विरुद्ध आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज किया जाए। साथ ही भविष्य के लिए ऐसी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई है।
इस संबंध में यश भारत के संभागीय ब्यूरो ने आईएमए के अध्यक्ष डॉ ताल्हा साद से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने मोबाइल कॉल ही रिसीव नहीं किया।
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