अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त महिला संविदा शिक्षक को सीईओ मझौली द्वारा प्रताड़ना का आरोप

जबलपुर:- शिक्षक पति की रेल दुर्घटना में मृत्यु के बाद सत्यवती शुक्ला को संविदा शाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति तो मिल गई पर अब अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति के मामले में जनपद पंचायत मझौली की सीईओ द्वारा शासन के आदेशों की गलत व्याख्या करके प्रताड़ित किया जा रहा है।राज्य शिक्षक संघ जबलपुर ने सीईओ मझौली के नियमविरुद्ध कार्यप्रणाली की निंदा करते हुए ज्ञापन पत्र सौंपा चेतावनी दी है कि यदि महिला शिक्षिका को न्याय न दिया गया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

तत्संबंध में संघ के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि मझौली विकासखंड के अंतर्गत दिनारीखमरिया स्कूल में वर्ष 2012 में सत्यवती शुक्ला की अनुकंपा नियुक्ति संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 के पद पर हुई थी।संविदा शाला शिक्षक को प्रशिक्षित होने के बाद अध्यापक संवर्ग में नियुक्त किया जाता है और अध्यापक को फिर शिक्षा विभाग में लेने की प्रक्रिया 2018 से प्रारंभ है।महिला शिक्षिका को राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा विभागीय डी एड वर्ष 2022 में कराया गया है।अब नियमानुसार उसका पहले अध्यापक संवर्ग फिर राज्य स्कूल शिक्षा सेवा में संविलियन होगा।शासन के सारे स्पष्ट आदेश होने के बाद भी जनपद पंचायत मझौली की सीईओ द्वारा उनके अध्यापक संवर्ग में संविलियन के प्रकरण को विगत 3 माहों से अपने कार्यालय में रोक लिया गया है।
जब इस पर बीईओ मझौली ने अपना मत दिया तो सीईओ ने उन्हें भी स्पष्टीकरण पत्र दे दिया।सीईओ की अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त शिक्षिका से क्या व्यक्तिगत बुराई है ये समझ से परे है।महीनों से न्याय के लिए भटक रही शिक्षिका ने अपने साथी शिक्षकों से मदद की गुहार लगाई है।
राज्य शिक्षक संघ जबलपुर के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र त्रिपाठी ने 8 जून को सीईओ को ज्ञापन सौंप शीघ्र कार्यवाही की मांग की है।संघ के अजय खरे,वीरेंद्र झारिया, मनमोहन राय, बिहारी साहू,उदय पटेल,महेंद्र तिवारी,अटल पटेल,राघवेंद्र नामदेव,ताराचंद साहू,यूसुफ खान,रवि दुबे,अटल पटेल,राजेश तिवारी आदि ने सीईओ की अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त महिला शिक्षिका के प्रति ऐसे व्यवहार की निंदा करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।







