सतना यश भारत| कोतवाली थाना क्षेत्र डॉलीबाबा इलाके में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर अचानक हुए पथराव से हालात तनावपूर्ण हो गए। इस घटना में महिला पुलिसकर्मियों सहित राजस्व अमले के कुछ सदस्य घायल हुए हैं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एसडीएम और सीएसपी को मौके से हटकर खुद को सुरक्षित करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, कोर्ट के आदेश के तहत नगर निगम, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम निजी भूमि से अवैध कब्जा हटाने शुक्रवार को मौके पर पहुंची थी। शनिवार दोपहर करीब 1 बजे जैसे ही कार्रवाई तेज हुई, स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अतिक्रमणकारियों ने पहले से ही ईंट-पत्थर जमा कर रखे थे। जैसे ही जेसीबी मशीन कुछ निर्माण तोड़ने आगे बढ़ी, महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की और इसके बाद भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। सकरी गलियों का फायदा उठाकर हमलावरों ने पुलिस पर हमला किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इस दौरान एसडीएम राहुल सिलाडिया और थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी बाल-बाल बच गए। हालात काबू से बाहर होते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हुए और प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखते हुए अवैध कब्जों को हटाया।
तीन आरोपी हिरासत में, एफआईआर दर्ज
पुलिस ने पथराव में शामिल दो पुरुष और एक महिला को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर तलाश जारी है। देर शाम तहसीलदार रघुराजनगर द्वारा सिटी कोतवाली थाने में हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया ने बताया कि यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के 2023 के आदेश के तहत की जा रही थी। संबंधित भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान बना लिए थे। भूमि स्वामी के इंदौर में रहने का फायदा उठाकर कब्जा किया गया था, जिसे हटाने प्रशासन पहुंचा था।
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