रीवा lचोरहटा थाना अंतर्गत बहुरीबांध निसासी कौशल प्रसाद तिवारी उम्र 49 वर्ष ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने पुलिस को बताया कि 5 जून 2025 को उनके पास एक फोन पहुंचा था। उन्हें सामने वाले ने शेयर मार्केट में पैसा निवेश करने का झांसा दिया था। उन्होंने पहले इससे इंकार किया। हालांकि सामने वाले लोग बार बार फोन करते रहे। अपनी वाइडन कंपनी की स्कीम बताकर झंासा देते रहे। ठगों की बातों में आखिरकार कौशल प्रसाद आ ही गई। उन्होंने 6 से 15 जुलाई के बीच आरोपियों के बताए खाते में करीब 21 लाख 36 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद उनके पास वाइडन कंपनी के कार्यकारी प्रबंधक सत्यनारायण पिल्लई का फोन पहुंचा। उन्होंने निवेश की गई रकम बढ़कर 1 करोड़ 36 लाख रुपए होने की जानकारी दी। इतना ही नहीं इस राशि को इस राशि को खाते में भेजने की बात कही। हालांकि सामने वाले ने असमर्थता भी जताई। उन्होंने कौशल प्रसाद को बताया कि राशि डालर में है, ऐसे में रुपए में कनर्वट करने में उन्हें टैरिफ चार्ज देना होगा। ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए 14 लाख रुपए और कैश देने पर 10 लाख रुपए लगेंगे। पीडि़त ने लालच में आकर उन्हें कैश देने का फैसला किया। 25 अक्टूबर को 10 लाख रुपए खाते से निकाले और स्टेट बैंक मेन शाख के सामने उनके एक आदमी को दे दिया। वह आदमी उनके पास स्कूटी से पहुंचा था। 10 लाख नगद लेने के बाद आदमी रवाना हो गया। 10 लाख रुपए देने के बाद भी उन्हें 1 करोड़ 36 लाख रुपए नहीं मिले। इसके बाद कौशल प्रसाद तिवारी ने प्रबंधक सत्यनारायण पिल्लई को फोन किया। प्रबंधक उन्हें बातों में उलझाता रहा। बात में सत्यनारायण ने बताया कि कंपनी ने उन्हें बाहर कर दिया है। उन्होंने नए कार्यकारी प्रबंधक का नंबर दिया। 5 फरवरी को नए कार्यकारी प्रबंधक ने कौशल प्रसाद तिवारी से 14 लाख रुपए की फिर डिमांड की। उन्हें दाल में कुछ काला नजर आया तो इसकी शिकायत उन्होंने थाना में दर्ज करा दी। शिकायत पहुंचते ही पुलिस एक्टिव हुई और एक बड़े ठगों के नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
रीवा में ठगों ने डेरा जमा रखा था। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर उन्होंने किसी और को ठगा नहीं होगा। अब पुलिस आरोपियों के पास से जब्त बैंक बुक और अन्य दस्तावेजों से लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। मोबाइल फोन में फीड नंबरों की भी जानकारी निकाली जा रही है। इसके अलावा इन फ्राड ने रुपयों को कहा कहां भेजा। इसमें और कितने लोगों की संलिप्तता है। इसकी भी जानकारी जुटाने में पुलिस लगी हुई है। इस नेटवर्क के अभी सिर्फ 9 आरोपी पकड़ाए गए हैं। कई जिलों और राज्यों में नेटवर्क फैले होने की आशंका जताई जा रही है।
इस मामले में चोरहटा पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गुजार और इंदौर से आकर रीवा में डेरा जमाए हुए थे। पकड़े गए आरोपियों में अशोक भाई पटेल, कहोडा सिटी गुजरात, निकुंज भाई ओझा 26 वर्ष, सुडिया, प्रवीण भाई पटेल 51 वर्ष कामली, विजय कुमार 33 वर्ष गैरिता, निकुल कुमार पटैल 35 वर्ष गिरिता, प्रीतपाल सिंह धालीवाल 45 वर्ष सिख मोहल्ला इंदौर, विनोद यादव 35 वष्ज्र्ञ, संगम नगर इंदौर, शुभम कनौजिया 25 वर्ष, देवेन्द्र पिता प्रह्लाद सिंह 27 वर्ष निवासी गोविंद कालॉनी इंदौर शामिल हैं।