जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

पीडब्ल्यूडी विभाग का कोई धनी धोरी नहींः सड़क-नाली बनाने वाले विभाग को ब्रिज बना रहा है, ब्रिज विभाग के अफसर आराम फरमा रहे

जबलपुर, यशभारत। पीडब्ल्यूडी विभाग का कोई धनी-धोरी नहीं है, काम करने वाले विभाग के अधिकारी आराम फरमा रहे हैं जबकि सड़क-नाली बनाने वाले विभाग को ब्रिज बनाने का काम सौंपा गया है। जानकर हैरानी होगी कि ब्रिज बनाने वाले अधिकारियों का कहना है कि ब्रिज कोई भी बनाए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, काम होना चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों के इस बयान के बाद तय हो गया कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी काम नहीं करना चाहते है। भोपाल से लेकर जबलपुर तक में अधिकारी सिर्फ आराम फरमाना चाहते हैं।

मालूम हो कि लंबी कवायद, चार टेण्डर प्रक्रिया के बाद दमोह नाका-मदन महल फ्लाईओवर का निर्माण आरंभ तो गया पर इसके निर्माण की गति बताती है कि तय समय सीमा में इसका बन पाना बेहद कठिन होगा। अभी निर्माण जहाँ चल रहा है, वहाँ पिलर तो दिखने लगे और काम होता भी दिख रहा है, पर पूरी ऊर्जा के साथ और जरूरी हिस्सों में पहले प्राथमिकता से काम हो ऐसा कतई नजर नहीं आ रहा है। इस उपयोगी संरचना का निर्माण टारगेट 36 माह है इनमेें से कुछ माह गुजर गए हैं।

संभाग क्रमांक-2 बना रहा ब्रिज
लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक-2 का काम सड़क नाली बनाने का है लेकिन बाबजूद यह विभाग फ्लाईओवर निर्माण कर रहा है। वहीं संभाग क्रमांक-3 विभाग के पास फ्लाईओवर निर्माण कराने का दायित्व है।

मुख्य परेशानी है यहाँ पर
फ्लाईओवर निर्माण के रास्ते में 400 विद्युत पोल शिफ्ट होने हैं। सीवर लाइन, पेयजल पाइप को भी किनारे के हिस्से में शिफ्ट किया जाना है। इसी तरह जो चिन्हित अतिक्रमण हैं उनको अलग करने के लिए मुआवजा भी दिया जाना है। करीब 100 करोड़ के करीब यह मुआवजा राज्य शासन को देना है और इसको लेकर प्रक्रिया अब भी प्रोसेस में बताई जा रही है। जब तक मुआवजा नहीं मिलता, तब तक अतिक्रमण भी अलग नहीं हो सकते। इसी के साथ रानीताल गढ़ा मार्ग में पीएण्डटी की दीवार अलग होनी है। फ्लाईओवर से जहाँ सड़क उतरनी है वहाँ पर भी कई तरह के कब्जे अलग किए जाने हैं। कई तरह की परेशानियाँ सामने हैं जिनका समाधान हुए बिना इसका निर्माण जल्द होता नहीं दिख रहा है।

कुछ इस अंदाज में निर्माण

निर्माण की लागत है -749 करोड़।
फ्लाईओवर का निर्माण एरिया -5.6 किमी।
ऊपर के हिस्से में सड़क होगी -36 फीट।
नीचे के हिस्से में दोनों ओर सड़क 36-36 फीट।
कुल पिलर बनाए जाने हैं -182।
मदन महल स्टेशन के ऊपर 192 मीटर का केबल स्टे ब्रिज।
चार प्वाइंट्स से सड़क फ्लाईओवर से नीचे उतरनी है।

इनका कहना है
ब्रिज बनाने का काम तो हमारा है लेकिन दूसरा विभाग बना रहा कोई परेशानी नहीं है। काम तो हम भी कर रहे हैं।
नरेन्द्र शर्मा कार्यपालन यंत्री, पीडब्लूडी, ब्रिज डिवीजन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button