कान्हा के 16 हाथियों को मिलेगी डिजिटल पहचान: डीएनए प्रोफाइल, माइक्रो चिप और तस्वीरों से तैयार होगी यूनीक आईडी, ‘गजा एप’ में होगा पूरा रिकॉर्ड

मंडला lजिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के 16 पालतू हाथियों को डिजिटल पहचान पत्र मिलने जा रहा है। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के सहयोग से यह पहल शुरू की गई है। इस पहचान पत्र में हाथियों की डीएनए प्रोफाइल, माइक्रो चिप डेटा और शारीरिक विशेषताएं दर्ज की जाएंगी।कान्हा टाइगर रिजर्व में हाथियों की भूमिका अहम है। ये वन विभाग की गश्त, पर्यटक सफारी और जंगल की जैविक विविधता को बनाए रखने में योगदान देते हैं। भारत में यह पहली बार है जब हाथियों को इस तरह का विस्तृत डिजिटल प्रोफाइल दिया जा रहा है।
हाथियों के ब्लड सैंपल लिए गए
वन्यजीव चिकित्सक डॉ संदीप अग्रवाल ने बताया कि डिजिटल पहचान पत्र बनाने की इस प्रक्रिया में सबसे पहले हाथियों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। साल भर से चल रहा यह प्रोसेस अब पूरा हो गया है। हर हाथी के शरीर में माइक्रो चिप लगाई जाएगी। उनकी चारों दिशाओं से तस्वीरें ली जाएंगी। साथ ही ऊंचाई, लंबाई और नाखूनों के आकार जैसे शारीरिक मापदंड भी रिकॉर्ड किए जाएंगे।
गजा एप पर दर्ज की जा रही है जानकारी
डॉ संदीप अग्रवाल ने बताया कि पूरी जानकारी गजा एप में दर्ज की जा रही है। जिसके विश्लेषण के बाद हर हाथी को एक खास नंबर दिया जाएगा। यह डिजिटल पहचान पत्र हाथियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि, स्वास्थ्य इतिहास और प्रजनन संबंधी जानकारी रखने में मदद करेगा। इससे हाथियों की तस्करी रोकने में भी सहायता मिलेगी।यह पहल न केवल वन्यजीवों के संरक्षण को मजबूत करेगी, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनकी सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगी। कान्हा टाइगर रिजर्व में इन हाथियों की विशेष देखभाल की जाती है, जो घायल जानवरों तक पहुंचने में भी मदद करते हैं।







