टीईटी पर योगी सरकार का बड़ा कदम, सुप्रीम कोर्ट में दायर होगी समीक्षा याचिका
मुख्यमंत्री कार्यालय का बयान

टीईटी पर योगी सरकार का बड़ा कदम, सुप्रीम कोर्ट में दायर होगी समीक्षा याचिका
लखनऊ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग को सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करने का निर्देश दिया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ उठाया गया है जिसमें इन-सर्विस शिक्षकों के लिए टीईटी (Teacher Eligibility Test) अनिवार्य किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय का बयान
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग को सुप्रीम कोर्ट के टीईटी अनिवार्य करने के आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करने का निर्देश दिया है। राज्य के शिक्षक अनुभवी हैं और समय-समय पर सरकार द्वारा प्रशिक्षित किए गए हैं। उनकी योग्यता और वर्षों की सेवा को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया था कि जिन सेवारत शिक्षकों के पास टीईटी योग्यता नहीं है, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि टीईटी भारत में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति के लिए एक अनिवार्य अर्हता परीक्षा है।
शिक्षकों की चिंता
राज्य के कई शिक्षक, जिनकी सेवानिवृत्ति में अब कुछ ही वर्ष बचे हैं, इस आदेश से खासे चिंतित हैं। उनका कहना है कि उन्हें अब तक यह जानकारी थी कि 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्राप्त है। नए आदेश ने उनके भविष्य को असमंजस में डाल दिया है।
उम्मीद सरकार से
शिक्षकों को उम्मीद है कि योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष मजबूती से रखेगी और उन्हें राहत दिलाएगी।







