
मुंबई, यश भारत । बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एम पूर्व और एम पश्चिम विभाग में जल आपूर्ति को अधिक सक्षम बनाने के लिए महत्वपूर्ण जल कार्य हाथ में लेने का निर्णय लिया है। इसके तहत गुरुवार 12 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि 2 बजे से शुक्रवार 13 फरवरी 2026 की सुबह 8 बजे तक आवश्यक मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस अवधि के दौरान इन दोनों विभागों के कुछ हिस्सों में कुल 30 घंटे तक पूरी तरह पानी आपूर्ति बंद रहेगी।
बीएमसी प्रशासन के अनुसार, तुर्भे निम्नस्तरीय जलाशय पर 1200 मिमी व्यास की आवक जलवाहिनी पर नया जलद्वार (वाल्व) लगाया जाएगा। इसके साथ ही तुर्भे जलाशय को पानी पहुंचाने वाली 1200 मिमी व्यास की जलवाहिनी को टनल शाफ्ट से जोड़ा जाएगा। इन आवश्यक तकनीकी कार्यों के कारण एम पूर्व और एम पश्चिम विभाग के कुछ इलाकों में पानी आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखनी पड़ेगी।
इस जल आपूर्ति बंद का असर एम पूर्व विभाग के प्रभाग क्रमांक 146, 147 और 148 तथा एम पश्चिम विभाग के प्रभाग क्रमांक 154 और 155 के अंतर्गत आने वाले इलाकों पर पड़ेगा।
महानगरपालिका ने प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे पहले से आवश्यक मात्रा में पानी का भंडारण कर लें। मरम्मत अवधि के दौरान पानी का अत्यंत संयमित उपयोग करें। साथ ही एहतियातन अगले तीन दिनों तक पानी को उबालकर और छानकर पीने की सलाह दी गई है। बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग करने का अनुरोध किया है।
एचपीसीएल रिफाइनरी, एचपीसीएल वसाहत, वरुण बेवरेजेस, बीएआरसी, गव्हाणपाड़ा, इंडियन ऑयल कंपनी, बीपीसीएल वसाहत, टाटा वसाहत, नित्यानंद बाग, राणे चाल
आरसीएफ कॉलोनी
जुनी रिफाइनरी क्षेत्र, भारत नगर, जे प्लॉट, हशू अडवाणी नगर, आणिक गांव, एमएसीबी वसाहत, सह्याद्री नगर, आरएनए उद्यान, म्हाडा वसाहत, रॉकलाइन इमारतें, विष्णु नगर, वीडियोकॉन व एसजी केमिकल इमारतें, प्रयाग नगर
ओम-गणेश नगर, राहुल नगर, अशोक नगर
इन सभी इलाकों में 12 फरवरी रात 2 बजे से 13 फरवरी सुबह 8 बजे तक पानी आपूर्ति बंद रहेगी।
बीपीटी, टाटा, बीपीसीएल, माहुल गांव, मरवली चर्च, माहुल एसआरए, फारुख गली, खड़ी मशीन, आरसी मार्ग, सिंधी सोसायटी, वाशी नाका, अंबा पाड़ा, जिजामाता नगर, गणेश नगर, अशोक नगर, कोकण नगर, म्हाडा इमारतें, मुकुंद नगर एसआरए, लक्ष्मी नगर, मितुल एन्क्लेव, म्हैसूर कॉलोनी सहित कई इलाकों में इसी अवधि के दौरान पानी आपूर्ति बंद रहेगी।
बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य भविष्य में बेहतर और सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।







