मतदाता सूची में धांधली लोकतंत्र पर हमला, 11 लाख नामों का खेल बर्दाश्त नहीं: जीतू पटवारी

मतदाता सूची में धांधली लोकतंत्र पर हमला, 11 लाख नामों का खेल बर्दाश्त नहीं: जीतू पटवारी
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज निर्वाचन आयोग पहुंचकर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लाखों नाम जोड़ने और हटाने का संगीन आरोप
निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर मीडिया से चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि हाल ही में प्रदेश की मतदाता सूची में 11 लाख नए नाम जोड़े गए हैं, जबकि लाखों ऐसे मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं जो कांग्रेस के समर्थक माने जाते हैं। पटवारी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
नियमों की धज्जियां उड़ाने का दावा
पटवारी ने प्रक्रियात्मक खामियों को उजागर करते हुए कहा, निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक व्यक्ति सीमित संख्या में ही आपत्तियां दर्ज कर सकता है। लेकिन प्रदेश के कई जिलों में एक ही व्यक्ति द्वारा 200-200 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। यह न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
BLO और भाजपा कार्यकर्ताओं की मिलीभगत का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कई मतदान केंद्रों पर भारतीय जनता पार्टी के BLA (बूथ लेवल एजेंट) और सरकारी BLO की मिलीभगत सामने आ रही है। आरोप है कि मतदाताओं पर दबाव बनाकर उनसे जबरन फॉर्म-7 (नाम हटाने का आवेदन) भरवाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि ऐसे तमाम BLO को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
आयोग को ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, और सेवा दल अध्यक्ष अवनीश भार्गव सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।







