
वर्सोवा–दहिसर सागरी किनारा मार्ग को मिली रफ्तार
सीआरज़ेड क्षेत्र के कार्यों को वन विभाग की मंज़ूरी
मुंबई, यश भारत पश्चिमी उपनगरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले वर्सोवा से दहिसर तक प्रस्तावित सागरी किनारा मार्ग (कोस्टल रोड) परियोजना को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सीआरज़ेड (कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन) क्षेत्र में आने वाले कार्यों के लिए आवश्यक वन विभाग की मंज़ूरी प्राप्त हो गई है। इसके चलते लंबे समय से अटकी पड़ी निर्माण गतिविधियां अब फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
वन विभाग की स्वीकृति न मिलने के कारण परियोजना का एक अहम हिस्सा लंबे समय तक ठप पड़ा था, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की गति प्रभावित हो रही थी। अब मंज़ूरी मिलने के बाद संबंधित एजेंसियां सीआरज़ेड क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू कर सकेंगी, जिससे परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यह सागरी किनारा मार्ग पश्चिमी उपनगरों में यातायात की समस्या को कम करने के साथ-साथ वर्सोवा, अंधेरी, जोगेश्वरी, गोरेगांव, मलाड, कांदिवली, बोरीवली और दहिसर जैसे इलाकों को बेहतर और तेज़ सड़क संपर्क प्रदान करेगा। इसके पूरा होने से न केवल यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि शहर के आंतरिक मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
नगर प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अब आवश्यक अनुमतियां मिलने के बाद काम में तेजी लाई जाएगी और तय समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को भी इस फैसले से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह मार्ग भविष्य में मुंबई की यातायात व्यवस्था को और सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।







